मुंबई

MHADA: अब ट्रांजिट कैम्पों के पात्र किराएदारों को मिलेगा बिजली मीटर

पात्र ट्रांजिट कैम्पों ( Transit Camps ) के निवासियों को मिलेगा बिजली मीटर ( Power Meter ), म्हाडा उपाध्यक्ष ( MHADA Vice President ) व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने दिए निर्देश, म्हाडा के रिपेयर बोर्ड ( Repair Board of MHADA ) की ओर से होगी कार्रवाई, मिलिंद म्हैस्कर ( Milind Maheskar ) ने संबंधित अधिकारियों को लिखा पत्र

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Dec 04, 2019
MHADA: अब ट्रांजिट कैम्पों के पात्र किराएदारों को मिलेगा बिजली मीटर

मुंबई. म्हाडा मुंबई महानगर सुधार और पुनर्निर्माण बोर्ड की ओर से फैसला किया गया है कि ट्रांजिट कैम्पों के बिजली मीटर संबंधित पात्र धारक के नाम पर उप अभियंता या संपत्ति प्रबंधक के नाम के बिना लिया जाना चाहिए। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा बिजली मीटर के संबंध में पात्र किरायेदारों का नाम तुरंत लेने के निर्देश दिए जाने चाहिए। मिलिंद म्हैस्कर ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए पत्र भी दिया है।

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अपात्र लोगों पर तत्काल हो कार्रवाई...
म्हाडा ट्रांजिट कैम्प का वितरण पत्र मुंबई भवन मरम्मत और पुनर्निर्माण बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से गाला धारक को वितरित किया जाएगा। संबंधित ट्रांजिट कैम्प की पात्रता का प्रमाण, चालू माह के सेवा शुल्क के लिए भुगतान की रसीद, वितरण आदेशों का सत्यापन, अवकाश सूचना और इसी तरह के मामलों को सत्यापित करने के लिए संबंधित चेचक के नाम पर विद्युत मीटर स्थापित करते समय या लाभार्थी के नाम आदि को प्रमाणित करके प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। साथ ही मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिस्ट्रक्चरिंग बोर्ड (ट्रांजिशन कैंप) के स्तर पर पात्र गाला धारकों को बिजली मीटर लगाने के संबंध में गैर-आपत्तिजनक लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं रिपेयर बोर्ड के अधिकारियों को म्हाडा उपाध्यक्ष की ओर से अपात्र लोगों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

अभी तक उप अभियंता के नाम पर होते थे बिजली मीटर...
उल्लेखनीय है कि म्हाडा के मुंबई बोर्ड या अन्य बोर्डों की ओर से बिक्री के लिए मकान बनाए गए हैं। वहीं इन घरों के विद्युत मीटर वर्तमान प्रणाली के अनुसार उप अभियंता के नाम से लिए जाते हैं। वहीं यह भी सामने आया है कि बिजली बिलों का भुगतान लाभार्थियों की ओर से नहीं किया जाता है, जिसके चलते विद्युत विभाग की ओर से बिजली बिलों की वसूली के लिए म्हाडा पर दबाव बनाया जाता है। यह तरीका गलत है। इस तरह मुंबई बिल्डिंग रिपेयर एंड पुनर्विकास बोर्ड की ओर से निर्मित या पुनर्निर्माण भवनों या ट्रांजिट कैम्पों में सब-इंजीनियरों के नाम पर बिजली मीटर लिए जाते हैं।

अपात्रों पर होगी कार्रवाई...
इस गंभीर मसले को हल करने के लिए आज मेरी तरफ से संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। इस बाबत आगे आने वाले समय में जहां पात्र निवासियों की परेशानी हल हो सकेगी, जबकि ट्रांजिट कैम्पों के अपात्र लोगों पर कार्रवाई कर पाना भी आसान होगा। अब गैर-आपत्तिजनक लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
- मिलिंद म्हैस्कर, सीईओ व उपाध्यक्ष, म्हाडा

Published on:
04 Dec 2019 11:09 am
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