बच्‍चों के विकास के लिए जिले में एक ऐसे बैंक की स्‍थापना की गई है, जिसके खुलने के बाद अब बच्‍चे आंगनबाड़ी केंद्रों की तरफ भागेंगे।
मुजफ्फरनगर। बच्चों के विकास के लिए जिले में एक ऐसे बैंक की स्थापना की गई है, जिसके खुलने के बाद अब बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों की तरफ भागेंगे। जनपद में प्रशासन की आेर से खिलौना बैंक किया शुरू किया गया है। इसमें खिलौने भी जनपद के लोग ही जमा करेंगे, जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को दिया जाएगा।
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विकास भवन में खुला बैंक
जनपद मुजफ्फरनगर के विकास भवन में मंगलवार को जिलास्तरीय खिलौना बैंक की स्थापना की गई। इसका शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अर्चना वर्मा ने कहा कि आज जनपद में जिलास्तरीय खिलौना बैंक की स्थापना विकास भवन में की गई है।
बच्चों के विकास के लिए किया गया ऐसा
उन्होंने कहा कि इस खिलौना बैंक को राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तिकरण और विकास के लिए इस बैंक की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आए बच्चों को आमतौर पर अधिक मात्रा में खिलौने नहीं मिल पाते हैं। इससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास अन्य मॉडर्न प्ले स्कूल के बच्चों की तरह नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए जरूरी है कि उनके लिए खिलौने अधिक मात्रा में होने चाहिए।
अब आंगनबाड़ी केंद्र आएंगे बच्चे
मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि इसी कारण जिलास्तरीय खिलौना बैंक की स्थापना की गई है। खिलौना बैंक में अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक व जनपद के अन्य लोग अपने-अपने घरों में रखे पुराने या नये खिलौने दान कर सकते हैं। खिलौने जमा कराने के जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन इकट्ठे हुए खिलौनों को आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए भेजा जाएगा, जिससे उनका अन्य बच्चों की तरह विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों में न आने की आदत पर रोक लगेगी।