
Muzaffarnagar Factory Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मांडी गांव में बंधुआ मजदूरी और उनके ऊपर हुए अमानवीय अत्याचार के मामले की पूरे देश में चर्चा हो रही है । इस क्रूरतापूर्ण घटना पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को सीधे तौर पर मानवीय गरिमा और भारतीय संविधान पर हमला बताया है। प्रियंका गांधी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में दोषियों को ऐसी सख्त सजा दी जाए, जो भविष्य के लिए एक नजीर बन सके।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर आक्रोश जाहिर करते हुए लिखा- मुजफ्फरनगर से जो मामला सामने आया है, वह बेहद गंभीर और चिंता में डालने वाला है। प्रियंका ने कहा कि अगर देश के मजदूरों के साथ इस तरह का क्रूर व्यवहार किया गया है तो यह किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद शर्मनाक बात है। यह सीधे तौर पर इंसानियत और हमारे संविधान के खिलाफ है।
बंधुआ मजदूरी प्रकरण में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। आरोप है कि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से लाए गए इन गरीब मजदूरों को उनके काम का कोई मेहनताना नहीं दिया जाता था। उन्हें अमानवीय हालात में बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों को खाने के लिए सिर्फ सूखी रोटी और मवेशियों का चारा दिया जाता था। हद तो तब हो गई जब खुलासा हुआ कि इन बेबस मजदूरों को कोड़े और धारदार हथियारों से पीटा जाता था और उन पर खूंखार पिटबुल कुत्ते छोड़े जाते थे।
प्रियंका गांधी ने इस मामले में तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार को कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिसे देखकर भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने की हिम्मत न कर सके। श्रमिकों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फैक्ट्री से 12 श्रमिकों को मुक्त कराया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एसआईटी इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करेगी। हर किसी की निगाहें अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।