मुजफ्फरनगर

‘सूखी रोटी दी और जानवरों का चारा खिलाया, कुत्तों से कटवाया’, मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूर कांड’ पर फूटा प्रियंका गांधी का गुस्सा

Muzaffarnagar Labour Case: मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया, सूखी रोटी दी गई और जानवरों का चारा खिलाया गया। कोड़ों से पीटा गया और उन पर पिटबुल कुत्ते छोड़े गए। अब इस मामले पर प्रियंका गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
2 min read
Muzaffarnagar Bonded Labour Case, Muzaffarnagar Factory Case,Muzaffarnagar News, Priyanka Gandhi, Bonded Labour Case, UP News
मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरों पर हुई क्रूरता मामले में भड़कीं प्रियंका गांधी (फोटो- पत्रिका)

Muzaffarnagar Factory Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मांडी गांव में बंधुआ मजदूरी और उनके ऊपर हुए अमानवीय अत्याचार के मामले की पूरे देश में चर्चा हो रही है । इस क्रूरतापूर्ण घटना पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को सीधे तौर पर मानवीय गरिमा और भारतीय संविधान पर हमला बताया है। प्रियंका गांधी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में दोषियों को ऐसी सख्त सजा दी जाए, जो भविष्य के लिए एक नजीर बन सके।

संविधान और मानवीय गरिमा पर हमला

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर आक्रोश जाहिर करते हुए लिखा- मुजफ्फरनगर से जो मामला सामने आया है, वह बेहद गंभीर और चिंता में डालने वाला है। प्रियंका ने कहा कि अगर देश के मजदूरों के साथ इस तरह का क्रूर व्यवहार किया गया है तो यह किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद शर्मनाक बात है। यह सीधे तौर पर इंसानियत और हमारे संविधान के खिलाफ है।

सूखी रोटी दी, जानवरों का चारा खिलाया और कुत्तों से कटवाया

बंधुआ मजदूरी प्रकरण में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। आरोप है कि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से लाए गए इन गरीब मजदूरों को उनके काम का कोई मेहनताना नहीं दिया जाता था। उन्हें अमानवीय हालात में बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों को खाने के लिए सिर्फ सूखी रोटी और मवेशियों का चारा दिया जाता था। हद तो तब हो गई जब खुलासा हुआ कि इन बेबस मजदूरों को कोड़े और धारदार हथियारों से पीटा जाता था और उन पर खूंखार पिटबुल कुत्ते छोड़े जाते थे।

दोषियों को मिले नजीर बनने वाली सजा

प्रियंका गांधी ने इस मामले में तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार को कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिसे देखकर भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने की हिम्मत न कर सके। श्रमिकों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

SIT करेगी मामले की जांच

पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फैक्ट्री से 12 श्रमिकों को मुक्त कराया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एसआईटी इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करेगी। हर किसी की निगाहें अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Also Read
View All
‘काफिर का खून हलाल है’, ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज को ISIS की धमकी, सुरक्षा में कटौती का आरोप

दो साल तक कैद जैसी जिंदगी… चोकर की रोटी, डंडों की मार और पिटबुल का पहरा; जानें कैसे छूटे मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री से मजदूर

युवराज सिंह के साथ क्रिकेट खेला, पार्षद रहा, फिर बना कुख्यात अपराधी, दिमाग हिला देगी मुजफ्फरनगर में मारे गए बदमाश की कहानी

मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री में 24 घंटे काम और खाने को सिर्फ एक सूखी रोटी, भागने की कोशिश की तो पीछे छोड़ देते थे पिटबुल कुत्ता!

‘जिंदगी खत्म करने का हक सिर्फ भगवान को है’, मुजफ्फरनगर में कोर्ट ने 2 हत्यारों को सुनाई फांसी की सजा, कहा- ऐसे खूंखार केस में नरमी बरती तो गलत संदेश जाएगा