संदिग्ध हालात में किसान की हत्या कर कार सहित जला देने के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर शव लेने से इनकार कर दिया।
लाडनूं। तहसील क्षेत्र में युवक की संदिग्ध हालात में हत्या कर लग्जरी कार सहित जला देने के सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण लाडनूं राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए और शव लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तक हत्या का खुलासा नहीं होता और दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।
मृतक की पहचान रताऊ निवासी जेठाराम बिड़ियासर (45) के रूप में हुई है, जिनकी गाड़ी सींवा-रताऊ मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली थी। घटनास्थल की परिस्थितियों और जले शव की स्थिति ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की आशंका को और गहरा कर दिया है। इस संबंध में मृतक के भतीजे जगदेव राम पुत्र रामदेव राम बिड़ियासर ने निंबी जोधा थाना पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट के अनुसार 30 दिसंबर को दोपहर करीब 3.45 बजे किसान जेठाराम अपनी गाड़ी लेकर रताऊ गांव से डीडवाना की ओर रवाना हुए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसी दौरान ग्रामीणों से सूचना मिली कि रताऊ से सींवा जाने वाले मार्ग पर एक गाड़ी जल रही है और उसके भीतर एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को अवगत कराया। कार की नंबर प्लेट के आधार पर वाहन की पहचान जेठाराम की गाड़ी के रूप में हुई। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर जली हुई गाड़ी और उसमें मिले जले शव के अवशेषों को देखकर परिजनों ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से वाहन सहित जलाने की आशंका जताई। सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह चारण, निंबी जोधा थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
दमकल की सहायता से आग को पूरी तरह बुझाया गया। पुलिस ने गाड़ी से आधे जले शव के अवशेष एकत्र कर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जलने से शव के हाथ-पैर की उंगलियां अलग हो चुकी थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि शव गाड़ी की आगे की दोनों सीटों के बीच पड़ा मिला, जबकि सिर का हिस्सा गियर के पास टिका हुआ था और एक दरवाजा खुला हुआ था। इससे मामला और अधिक संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
घटनास्थल सींवा-रताऊ मार्ग पर ऊंचाई वाले स्थान पर है, जहां कार करीब 25 फीट पीछे की ओर रिवर्स अवस्था में बाड़ से टकराई हुई मिली। गाड़ी का इंजन हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित था, जबकि चारों टायर और बॉडी पूरी तरह जल चुकी थी। इन परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को और मजबूत कर दिया है।
घटना की जानकारी फैलते ही बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाडनूं राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे।
दिनभर पुलिस और ग्रामीणों के बीच समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। प्रशासन की ओर से तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडे, डीएसपी जितेंद्र चारण सहित अन्य अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाकलिया गांव के ओमप्रकाश सारण हत्याकांड का मामला भी कई साल से लंबित है और अब तक उसका खुलासा नहीं हुआ है। धरने में पूर्व प्रधान हनुमानराम कासनिया, रताऊ के पूर्व सरपंच श्रीराम साख, युवा नेता विकास बुरड़क, सुरजाराम भाकर, पंचायत समिति सदस्य श्रीराम खीचड़ सहित अनेक लोग मौजूद रहे। दोपहर बाद भाजपा नेता करणी सिंह भी मौके पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण पोस्टमार्टम के लिए सहमत नहीं हुए थे।
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पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम से जांच को मजबूती मिलेगी, इसलिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई है। पुलिस ने संदिग्ध हत्या का मामला दर्ज कर मोबाइल कॉल डिटेल सहित विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।