कोर्ट ने डीडवाना-कुचामन जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के वाहनों को कुर्क करने के आदेश दिए हैं। जानिए पूरा मामला।
डीडवाना. डीडवाना-कुचामन जिले के अपर जिला न्यायाधीश राजेश कुमार गजरा ने डीडवाना-कुचामन जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के वाहनों को कुर्क करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश वक्फ की सम्पत्ति से जुड़े एक विवाद में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आठ वर्षों तक कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर दिया। न्यायालय ने तीनों अधिकारियों को लापरवाह बताते हुए कहा कि अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति करते हुए अगली तारीख हासिल की।
मामला वक्फ कमेटी डीडवाना व राज्य सरकार से जुड़ा है। अपर सेशन न्यायाधीश ने वक्फ कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राजस्थान वक्फ न्यायाधिकरण, जयपुर ने 21 दिसंबर 2015 को फैसला दिया था कि डीडवाना में गजट नोटिफिकेशन में वर्णित कब्रिस्तान की भूमि वक्फ की जायदाद है। आदेश के अनुसार जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को इस भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करना है और किसी भी प्रकार की जमीन में बदलाव या हस्तांतरण से बचना है।
वर्ष 2016 में इस निर्णय की पालना सुनिश्चित करने के लिए अदालत में इजराय याचिका दायर की गई थी। इसके बाद उपखंड अधिकारी, जिला कलक्टर और तहसीलदार को कई बार पत्र भेजे गए। 4 जून 2025 को जिला कलक्टर डीडवाना-कुचामन को क्रियान्वयन के लिए तहरीर जारी की गई और 7 जुलाई 2025 को हुकमनामा भी जारी हुआ। बावजूद इसके प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कोर्ट ने माना कि प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट के आदेश लागू करने के इच्छुक नहीं हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने इजराय मामलों को छह माह में निपटाने का निर्देश दिया है। यह मामला राष्ट्रीय कार्य योजना में भी शामिल है, लेकिन आठ साल से लंबित है और बार-बार आदेश के देने बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अदालत ने इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए अपर जिला न्यायाधीश ने जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के वाहनों को कुर्क करने का आदेश दिया है ताकि डिक्री की पालना हो सके।