नागौर

Nagaur News: शोक सभा में मचा हड़कंप, मधुमक्खियों ने किया हमला, भागने लगीं महिलाएं-बुजुर्ग और बच्चे

Nagaur Bee Attack: नागौर के डेगाना में शोक सभा के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे 15 से 20 लोग घायल हो गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई, हालांकि समय पर इलाज मिलने से सभी घायलों की हालत सुरक्षित बताई जा रही है।

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May 06, 2026
घायलों का उपचार करते हुए। फोटो- पत्रिका

नागौर। ग्राम पंचायत डेगाना गांव स्थित शहीद अमरसिंह राठौड़ स्मारक के पास भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शोक सभा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में करीब 15 से 20 लोग घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि समय पर उपचार मिलने से सभी घायलों की हालत सुरक्षित बताई जा रही है।

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जानकारी के अनुसार तेजाराम मेहरा की पत्नी मुकेश मेहरा की माता के निधन के बाद परिवारजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत गंगाजी (हरिद्वार) जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का आयोजन रखा गया था, जिसमें परिजन, ग्रामीण और पंडित शांति प्रकाश महाराज सहित कई लोग मौजूद थे।

मौके पर भगदड़ मची

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर में स्थित पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता बना हुआ था। पूजा के दौरान अचानक किसी हलचल या तेज आवाज के कारण मधुमक्खियां भड़क उठीं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों में घबराहट फैल गई।

कई लोगों को डंक मारे

कई लोगों ने पास के घरों में शरण ली, लेकिन मधुमक्खियों ने उनका पीछा करते हुए कई लोगों को डंक मार दिए। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने घायलों को एकत्र किया और प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद डॉक्टर को मौके पर बुलाकर सभी घायलों को आवश्यक इंजेक्शन लगाए गए। समय रहते उपचार मिलने से कोई भी घायल गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मधुमक्खियों का हमला काफी देर तक जारी रहा, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। कुछ समय बाद मधुमक्खियां शांत होकर अपने छत्ते में लौट गईं, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

स्थिति सामान्य होने पर क्रियाएं पूरी की

घटना के चलते शोक कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर परिजनों ने धार्मिक क्रियाएं पूरी कीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे ऐसे खतरनाक मधुमक्खी छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने या नियंत्रित करने के इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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