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‘बिल पास कराने के लिए 20 TMC सांसदों को BJP में लाया जा रहा’, बंगाल में सियासी हलचल पर कांग्रेस नेता का बड़ा बयान

West Bengal politics latest news: टीएमसी के बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलने वाले हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि ये सांसद BJP टिकट के चक्कर में तीन साल पार्टी की सेवा करेंगे।

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Jun 13, 2026
TMC Splits
ममता बनर्जी और अधीर रंजन चौधरी। (फोटो- ANI)

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से सियासी हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सांसदों में बगावत की आग अब लोकसभा तक पहुंच गई है। बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करने वाले हैं।

इस बीच, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसे भाजपा की चाल बताया है। उनका कहना है कि भाजपा किसी भी तरह अपने नंबर बढ़ाकर बिल पास करवाना चाहती है।

अधीर रंजन ने साफ शब्दों में कहा कि ये सांसद जानते हैं कि टीएमसी के साथ रहकर अगला चुनाव जीतना मुश्किल है। इसलिए वे भाजपा जॉइन करके नया टिकट पाने की कोशिश में लगे हैं। ये लोग अगले तीन साल BJP की सेवा में लगे रहेंगे।

TMC में बढ़ती नाराजगी

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की अंदरूनी कलह लंबे समय से चल रही है। कई सांसद पार्टी के तरीके से नाखुश बताए जा रहे हैं। कुछ ने खुलकर असंतोष जताया है तो कुछ चुपचाप भाजपा की तरफ देख रहे हैं।

लोकसभा स्पीकर से मुलाकात का मतलब साफ है कि ये सांसद अपनी शिकायतें रखना चाहते हैं या फिर पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

भाजपा-टीएमसी के बीच घमासान

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच घमासान 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर पहले से तेज हो गया है।

ऐसे में सांसदों का पाला बदलना कोई नई बात नहीं। लेकिन इस बार ये मामला लोकसभा तक पहुंच गया है, जो दोनों पार्टियों के लिए अहम है।

भाजपा की रणनीति पर अधीर का आरोप

अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा- भाजपा को अपने बिल पास करवाने के लिए लोकसभा में ज्यादा संख्या चाहिए। इसीलिए वो टीएमसी के सांसदों को अपनी तरफ खींच रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि ये सांसद सोचते हैं कि टीएमसी के साथ रहकर उनका भविष्य सुरक्षित नहीं। उन्होंने कहा- अगला चुनाव टीएमसी टिकट पर जीतना नामुमकिन है, इसलिए BJP का रास्ता अपनाना इनके लिए फायदेमंद है।

क्या है पूरा खेल?

राजनीति में ऐसे पाला बदलना आम है, लेकिन समय हमेशा अहम होता है। अभी केंद्र में भाजपा की सरकार है और कई महत्वपूर्ण बिल आने वाले हैं। अगर कुछ टीएमसी सांसद भाजपा के साथ चले गए तो विपक्ष की ताकत कमजोर हो सकती है।

हालांकि, टीएमसी की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ सांसद अपनी व्यक्तिगत शिकायतें स्पीकर के सामने रख रहे हैं। लेकिन विपक्ष इसे बड़े साजिश के तौर पर देख रहा है।

Published on:
13 Jun 2026 02:53 pm