
TMC MP Merge With NCP: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी (NCP) में विलय कर लिया है। इन सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही अब संसद के दोनों सदनों में आकड़े बदल गए है। टीएमसी के 20 सांसदों के समर्थन और राज्य सभा में इस्तीफे के बाद एनडीए लोकसभा में दो तिहाई बहुमत की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बता दें कि राज्य सभा में एनडीए के फिलहाल 148 सांसद है। दो तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की आवश्यकता है। दो तिहाई बहुमत से NDA 15 सांसद पीछे है, लेकिन राज्य सभा चुनाव में झारखंड और मिजोरम की सीट पर एनडीए जीत सकती है, इन सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी।
इसके अलावा टीएमसी के चार राज्य सभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है, अब इन सीटों पर उपचुनाव होंगे। यदि एनडीए इन चारों सीटों पर जीत हासिल करती है तो राज्य सभा 154 सांसद हो जाएंगे। हालांकि अभी भी 9 सांसद पीछे है, लेकिन वर्तमान राज्य सभा में टीएमसी की स्थिति चल रही है, यदि और सांसद इस्तीफा देते है तो एनडीए दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंच जाएगी।
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी विधायकों के समर्थन के बाद एनडीए की संख्या 313 तक पहुंच सकती है। लोकसभा में 363 सीटों की आवश्यकता है। वहीं एनडीए लोकसभा में दो तिहाई बहुमत की दिशा में आगे बढ़ रही है, क्योंकि माना जा रहा है कि डीएमके से भी NDA की बात हो रही है। लोकसभा में डीएमके के 22 सांसद है। यदि ये सांसद एनडीए को समर्थन करते हैं तो सांसदों की संख्या बढ़ जाएगी।
वहीं खबरें सामने आ रही है TMC के 20 सांसदों के विलय के बाद अब शिवसेना उद्धव गुट के सांसदों पर नजर है। दरअसल, खबरें सामने आ रही है कि शिवसेना उद्धव गुट के सांसदों भी नाराज चल रहे है। ये सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसी आशंका को दूर करने के लिए रविवार को उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों की एक मीटिंग बुलाई थी। लोकसभा में उद्धव गुट के 9 सांसद है। यदि ये सांसद एकनाथ शिंदे के साथ एनडीए का समर्थन करते है तो सदन में NDA के सांसदों की संख्या बढ़ जाएगी।
बता दें कि मोदी सरकार सदन में एक बार फिर परिसीमन बिल लाना चाहती है। इसको लेकर सरकार ने तैयारी भी पूरी कर ली है। पिछली बार सदन से यह बिल पास नहीं हो पाया था, क्योंकि NDA के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं था। ऐसे में यदि दोनों सदनों में एनडीए के पास दो तिहाई बहुमत हो जाएगा तो सरकार इस बिल को लाएगी और इसका पास होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।