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हिमंत बिस्व सरमा के साथ शपथ लेने वाले 4 नए मंत्री कौन? जानिए

Assam CM: असम में हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नई कैबिनेट में बीजेपी, एजीपी और बीपीएफ के अनुभवी नेताओं को शामिल कर गठबंधन संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है।
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हिमंत बिस्व सरमा
हिमंत बिस्व सरमा

Assam CM Oath Ceremony: हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। एनडीए गठबंधन की विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। सोमवार रात उन्होंने घोषणा की कि उनके साथ केवल चार अन्य नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शुरुआती कैबिनेट में बीजेपी के रमेश्वर तेली और अजंता नियोग, असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो शामिल होंगे।

असम कैबिनेट में अनुभवी नेताओं को जगह

रामेश्वर तेली असम की चाय जनजाति राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। वह पहले नरेंद्र मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा और लोकसभा दोनों में लंबा अनुभव रखने वाले तेली 2024 में राज्यसभा भेजे गए थे। अब वह डुलियाजन सीट से फिर विधानसभा पहुंचे हैं। बीजेपी ने उन्हें शामिल कर चाय जनजाति समुदाय को मजबूत राजनीतिक संदेश दिया है। दूसरी ओर अजंता नियोग (Ajanta Neog) लगातार छठी बार गोलाघाट सीट से जीती हैं। वह पहले कांग्रेस में थीं और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।

सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व

अतुल बोरा असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं और छात्र आंदोलन से राजनीति में आए थे। वह पहले भी बीजेपी नीत सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनके शामिल होने से बीजेपी और एजीपी गठबंधन को स्थिरता मिलने की उम्मीद है। वहीं चारण बोरो को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वह मजबाट सीट से तीसरी बार विधायक बने हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्हें सरकार में शामिल किया गया था ताकि बीजेपी और बीपीएफ के बीच चुनावी तालमेल मजबूत हो सके। इस बार भी उनकी मौजूदगी बोडोलैंड क्षेत्र में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की रणनीति मानी जा रही है।

स्पीकर पद के लिए रंजीत दास का नाम तय

मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले सरमा ने यह भी साफ कर दिया कि पूर्व असम बीजेपी अध्यक्ष रंजीत दास को विधानसभा स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाएगा। दास पिछली सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने इस बार सीमित मंत्रिमंडल बनाकर प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत रखने की योजना तैयार की है। आने वाले महीनों में कैबिनेट विस्तार की संभावना भी बनी रहेगी। फिलहाल नई सरकार का ध्यान विकास, क्षेत्रीय संतुलन और गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखने पर रहेगा।

Updated on:
12 May 2026 11:41 am
Published on:
12 May 2026 10:35 am
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