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बिहार पुलिस परीक्षा पेपर लीक: बायोमीट्रिक सुपरवाइजर समेत 3 गिरफ्तार, आरोपियों के मोबाइल से मिले कई एडमिट कार्ड और आंसर की

Bihar Havaldar Paper Leak: इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट ने बिहार पुलिस हवलदार-इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों मोबाइल फोन से एडमिट कार्ड, आंसर की और दूसरे डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।
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Updated: 1 Aug 2026, 5:12 PM IST
Bihar Havaldar Paper Leak
पकड़े गए आरोपियों की फाइल फोटो

Bihar Police Havaldar Paper Leak: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और क्वेशन पेपर लीक मामले में इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) को बड़ी कामयाबी मिली है। EOU ने हवलदार इंस्ट्रक्टर परीक्षा की आंसर-की लीक करने के मामले में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह परीक्षा बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने होम गार्ड कैडर के लिए आयोजित की थी। गिरफ्तार लोगों में राज समदर्शी उर्फ राजा, उसका साथी अभिषेक कुमार और परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के तौर पर तैनात नितेश कुमार शामिल हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को बेउर जेल भेज दिया गया है।

हाजीपुर परीक्षा केंद्र के पास पकड़ा गया आरोपी

पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह कार्रवाई हाजीपुर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 368/2026 की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि पटना जिले के विक्रम पुलिस स्टेशन इलाके के करसा गांव का रहने वाला राज समदर्शी 29 जुलाई 2026 को होने वाली हवलदार इंस्ट्रक्टर परीक्षा में शामिल होने के लिए हाजीपुर आ रहा था।

इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने हाजीपुर के हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र के पास जाल बिछाया और राज समदर्शी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान उसने परीक्षा में गड़बड़ी करने और गलत तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कबूल की।

व्हाट्सप्प पर भेजी गई थी आंसर की

पूछताछ के दौरान, राज समदर्शी ने बताया कि वैशाली का रहने वाला अभिषेक कुमार उसका मुख्य साथी था, जबकि वैशाली का ही रहने वाला नितेश कुमार परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के तौर पर तैनात था। जांच में पता चला कि बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार की मदद से प्रश्न पत्र के उत्तर तैयार करने और उन्हें राज समदर्शी तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

जब EOU टीम ने राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल फोन की जांच की, तो उन्हें उनकी गैलरी में कई उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़ी आंसर की जैसे सबूत मिले। टेक्निकल एनालिसिस से पता चला कि परीक्षा वाले दिन दोपहर 12:21 बजे व्हाट्सप्प पर आंसर की भेजी गई थी।

AEDO परीक्षा में भी गड़बड़ी की थी

पूछताछ के दौरान, मुख्य आरोपी राज समदर्शी ने माना कि उसने पहले भी अप्रैल 2026 में हुई AEDO (असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट ऑफिसर) परीक्षा में धोखाधड़ी और गलत तरीकों का इस्तेमाल करके गड़बड़ी की थी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

EOU ने 30 जुलाई 2026 को इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन में केस नंबर 16/2026 दर्ज किया। यह केस बिहार पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024'की धाराओं 10 और 11(1) के तहत दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के अलावा, FIR में चार अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। फिलहाल, EOU की टीमें बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने और सिंडिकेट के बचे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Updated on:
1 Aug 2026, 5:12 PM IST
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