
Legislative Council Election: कर्नाटक विधान परिषद (LMC) चुनाव के बाद बीजेपी के भीतर नया विवाद सामने आ गया है। बीजेपी नेता एन. रवि कुमार ने दावा किया है कि बसनागौड़ा पाटिल यत्नाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर भाजपा उम्मीदवार को वोट देने का भरोसा दिया था। वहीं, इस मामले पर बसनागौड़ा आर. पाटिल ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने उनसे संपर्क कर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन की अपील की थी। इससे चुनावी मतदान और राजनीतिक संपर्कों को लेकर बहस तेज हो गई है।
रवि कुमार ने दावा किया कि वोटिंग पूरी होते ही एक सीक्रेट चिट्ठी सीधे गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा दी गई है। रवि कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रतिनिधि या विपक्ष के किसी भी व्यक्ति से पूछना चाहता हूं कि वे इस पर सवाल क्यों उठा रहे हैं, क्योंकि मतदान केंद्र में ऐसा पत्र दिखाना और सवाल पूछना मना है, वह पत्र क्या है? उन्होंने दिखाया था, मतदान प्रतिनिधि का काम यह जांचना है कि सभी का नाम मतदाता सूची में है या नहीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग सवाल पूछे, जिन पर बसनागौड़ा पाटिल यत्नाल ने उस समय अपने मतदान को लेकर आपत्ति जताई थी।
इस विवाद के सामने आने के बाद बीजेपी से निष्कासित विधायक बसनागौड़ा आर. पाटिल ने भी अपनी बात सामने रखी है। उन्होंने नेताओं के फोन आने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि विधायकों ने अपने वोट डाले हैं। मैं भाजपा से विधानसभा के लिए चुना गया था और छह बार जीत चुका हूं। मैं सांसद, एमएलसी और विधायक रह चुका हूं। कल विपक्ष के नेता आर. अशोक और पूर्व उपमुख्यमंत्री अश्वथ नारायण ने मुझे फोन किया और भाजपा उम्मीदवार को वोट देने के लिए कहा, यह कहते हुए कि उन्हें पार्टी नेतृत्व से निर्देश मिले हैं। लगभग 49 भाजपा विधायकों ने भी मुझसे संपर्क किया और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की
कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए गुरुवार को विधान सौधा में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला। चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि सात सीटों पर विजेताओं का फैसला होना है। मतदान के लिए विशेष इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अब चुनाव के नतीजों का इंतजार है।