
Modi Cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलबाजी तेज है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह विस्तार 5 जुलाई या 11 जुलाई के बाद कभी भी हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीएम नरेंद्र मोदी अपनी टीम में किसे जगह देंगे और कौन टीम से बाहर जाएगा।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी अपनी टीम में इस बार युवाओं, महिलाओं व अन्य पिछड़ा वर्ग को तरजीह दे सकते हैं। PM मोदी कैबिनेट में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर संदेश दे सकते हैं। वहीं, अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी की नजर में अन्य पिछड़ा वर्ग भी है। OBC का वोट साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान छिटक गया था। ऐसे में बीजेपी OBC वोट बैंक को फिर से साधने के लिए सियासी चाल चल सकती है।
पीएम मोदी युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हैं। मौजूदा लोकसभा में 30 वर्ष से कम उम्र का एक सांसद, 31 से 40 वर्ष के बीच 15 सांसद और 41 से 50 वर्ष के बीच 39 सांसद हैं। मौजूदा केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 50 वर्ष तक की आयु वाले मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्रिमंडल की औसत आयु 62 वर्ष थी, जो साल 2019 में घटकर 60 वर्ष और 2021 में बड़े फेरबदल के बाद 58 वर्ष रह गई। साल 2024 में भी मंत्रिपरिषद की औसत आयु 58 वर्ष ही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस बार और अधिक युवा सांसदों को मौका देकर मंत्रिमंडल को और युवा बनाया जा सकता है।
हालांकि अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मोदी सरकार की तरफ से कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि प्रदर्शन के आधार पर कुछ मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं। कुछ की विदाई हो सकती है और कई नेए चेहरों को जगह मिल सकती है। इस फेरबदल में सहयोगियों को फायदा भी हो सकता है। NCPI के दो सांसद मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना के भी एक या दो सांसद मोदी कैबिनेट में जगह पा सकते हैं।