
Student protests in Delhi:कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार को सख्त चेतावनी दी है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार या तो छात्रों की मांगें मान ले या फिर दिल्ली भेजे जा रहे टैंकों से शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अब बात की गंभीरता को समझना चाहिए। वक्त बीतता जा रहा है।
सौरव दास ने एक्स पर भारतीय किसान यूनियन के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा, 'अब आएगा मजा।' भारतीय किसान यूनियन ने छात्र आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर बड़ा बयान दिया है। छात्रों के सुझावों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सुझावों से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री, जो रात-रात वीडियो बना रहे हैं। कल वीडियो बनाई और कहते हैं कि बहुत अच्छे सुझाव आए। सुझाव से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि छात्रों की मांग धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को लेकर है।
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई अब और तेज होगी। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस उद्देश्य से गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कामकाज शुरू कर दिया है। कोर्ट नंबर 408 में स्थापित इस विशेष अदालत की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा ने शनिवार को अपना कार्यभार संभाल लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए देशभर में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसी घोषणा के बाद न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए लगातार कई कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी बातचीत का तीसरा दौर शनिवार को होने वाला है। इससे पहले CJP ने सरकार के सामने अपना रुख और सख्त कर दिया है। पार्टी का कहना है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है, तो आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं है। इसके साथ ही CJP ने अपनी अन्य मांगों पर भी सरकार से लिखित समझौता देने की मांग की है, ताकि बातचीत में बनी सहमति को आधिकारिक रूप दिया जा सके।