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राघव चड्ढा से AAP का क्यों उठा भरोसा? अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद से बढ़ने लगी थी दूरियां

Raghav Chadha News: आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा राज्य सभा में पार्टी की नीतियों और एजेंडे को प्राथमिकता देने के बजाय उन मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे जिनसे उनकी व्यक्तिगत छवि मजबूत बने।

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Apr 03, 2026
आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया (Photo-IANS)

Raghav Chadha AAP Rajya Sabha Row: आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्य सभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया है। दरअसल, AAP और राघव चड्ढा के बीच की दूरी को लेकर काफी समय से चर्चा आ रही थी, जिस पर गुरुवार को मुहर लग गई। पार्टी के इस एक्शन के बाद राघव हाशिये पर चले गए हैं। बाद में पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को पत्र लिखकर अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने का प्रस्ताव भेजा।

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‘AAP हो गई थी असहज’

बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा राज्य सभा में पार्टी की नीतियों और एजेंडे को प्राथमिकता देने के बजाय उन मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे जिनसे उनकी व्यक्तिगत छवि मजबूत बने। इसके अलावा सरकार के खिलाफ बोलने से आम आदमी पार्टी असहज हो गई थी।  

पार्टी ने राज्य सभा में एक पत्र के माध्यम से बताया कि पार्टी का नेता पद संजय सिंह के पास ही बना रहेगा। वहीं पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि चड्ढा को अब राज्य सभा में पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।

राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने के कारण

1- राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी गतिविधियों से दूर रहे हैं और कई मौके पर नजर भी नहीं आए। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कथित शराब घोटाले में राहत मिलने के बाद पार्टी के शक्ति प्रदर्शन में भी शामिल नहीं हुए। इतना ही नहीं इस मामले को लेकर चड्ढा ने बीजेपी पर हमला तक नहीं किया। 

2- दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान राघव चड्ढा लंदन में आंख के इलाज के लिए थे और 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने बहुत कम सक्रियता दिखाई।

3- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए जाने वाले पोस्ट और वीडियो से पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिह्न तक दिखना बंद हो गया।

4- अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी के बाद राघव चड्ढा की प्राथमिकताएं बदल गई। राघव के फैसलों में उनकी पत्नी का असर दिखा है। जुझारू राजनेता की जगह उनकी जीवनशैली सेलिब्रिटी जैसी हो गई है।

5- भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क में रहने की चर्चा। वहीं संजय सिंह ने इतना जरूर कहा कि जब चड्ढा भाजपा में जाएंगे, तब उनके विरोध में खड़े होने वाले वे पहले व्यक्ति होंगे।

स्टार प्रचारकों की सूची में नाम नहीं

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। आम आदमी पार्टी ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम तक शामिल नहीं किया। दरअसल, पार्टी के अंदर पहले से ही संकेत मिल रहे थे कि चड्ढा की स्थिति कमजोर हो रही है। 

पंजाब सरकार में दखल के आरोप

AAP के अंदरूनी सूत्रों ने आरोप लगाया कि चड्ढा पंजाब में भगवंत मान सरकार के कामकाज में दखल दे रहे थे और राज्य सभा में अपनी प्रोफाइल बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उनके खिलाफ किसी तरह की एंटी-पार्टी गतिविधि का आरोप आधिकारिक रूप से नहीं लगाया गया है।

अभी नहीं होगी कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी फिलहाल राघव चड्ढा को औपचारिक रूप से निलंबित नहीं करेगी। वह राज्यसभा में AAP के सांसद बने रहेंगे, जब तक वह खुद कोई फैसला नहीं लेते।

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