2 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘बंगाल में चुनाव को रद्द कर राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहती है BJP’, अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले पर बोलीं CM ममता

West Bengal Political Clash: सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ईसी और बीजेपी आग से खेल रहे हैं और मालदा की घटना उसी गंदी साजिश का नतीजा है।

2 min read
Google source verification
West Bengal Malda incident, Mamata Banerjee BJP आरोप, Malda hostage case judicial officers,

सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर साधा निशाना (Photo-IANS)

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में वोटिंग से पहले मालदा की घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया हैं। गुरुवार को सीएम ममता बनर्जी ने बजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है। सीएम बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधानसभा चुनाव रद्द करवाकर राष्ट्रपति शासन लागू करवाना चाहती है।

इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि प्रदेश में आयोग राज्य में कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रहा है।

बंगाल की छवि को किया जा रहा खराब

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईसी और बीजेपी आग से खेल रहे हैं और मालदा की घटना उसी गंदी साजिश का नतीजा है। साथ ही सीएम बनर्जी ने बंगाल की छवि को खराब करने का भी आरोप लगाया है। 

अमित शाह से मांगा इस्तीफा

इस पूरे मामले में सीएम ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांग लिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में अमित शाह सीधे जिम्मेदार है। साथ ही सीएम ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की साजिश को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

बुधवार को मालदा जिले में बड़ा हंगामा देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने 7 न्यायिक अधिकारियों (जिनमें 3 महिलाएं शामिल थीं) को बंधक बना लिया। यह पूरा विवाद मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर भड़का। दरअसल, लोगों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत हो रहे बदलावों के खिलाफ लोगों में नाराजगी थी। इससे पहले कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी केजीबी के बाहर कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना दिया था। उनका आरोप था कि फॉर्म-6 आवेदनों में भारी गड़बड़ी हुई है।

भाजपा का पलटवार

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ है, उससे हर कोई भयभीत है। सात न्यायिक मजिस्ट्रेट वहां गए थे। उन्हें न केवल वहां रोका गया, बल्कि उनके वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। जब एसपी उन्हें वहां से निकाल रहे थे, तब महिला न्यायिक मजिस्ट्रेटों के वाहनों में तोड़फोड़ की गई। 

उन्होंने कहा कि सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया ताकि कोई भी वाहन न गुजर सके। वाम मोर्चा के शासनकाल में, महिला अधिकारी अनीता दीवान को उनके वाहन से बाहर खींचकर पीट-पीटकर मार डाला गया था।