Delhi MCD Election: दिल्ली एमसीडी चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद सियासत तेज हो गई है। वीरेंद्र सचदेवा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले से हार का अंदाजा था और स्वाति मालीवाल ने चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को गलत बताया।
Delhi MCD Election: दिल्ली में हुए नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है। इसके बाद दिल्ली को नया मेयर और नई डिप्टी मेयर मिल चुके हैं। इस बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह जीत पार्टी के अच्छे काम और नीतियों की वजह से मिली है। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा।
आपको बता दें कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया है। बीजेपी की जीत पर खुशी जताते हुए सचदेवा ने कहा कि यह जनता के भरोसे का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी को पहले से ही पता था कि क्या परिणाम होगा। उन्होंने आप की हार को उनकी किस्मत बताया है।
बीजेपी नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी को पहले से ही पता था कि क्या हश्र होगा यानी क्या परिणाम होंगे। आगे उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि उनके साथियों को जीत मिली। सचदेवा ने बताया कि जब भी बीजेपी ने नगर निगम की जिम्मेदारी संभाली है, उसने सिस्टम को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा साफ और पारदर्शी तरीके से काम किया है। इसका उल्टा, आम आदमी पार्टी के समय में निगम आर्थिक समस्याओं से जूझता रहा।
इस बार दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों ही सीटें बीजेपी के खाते में गईं हैं। रोहिणी ईस्ट से प्रवेश वाही मेयर बने, वहीं आनंद विहार की मोनिका पंत बिना मुकाबले डिप्टी मेयर चुन ली गईं। एमसीडी ने एक्स पर पोस्ट करके दोनों को बधाई दी। इससे पहले राजा इकबाल सिंह मेयर थे, और चुनाव के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने जिम्मेदारी संभाली थी।
राजनीति के इस माहौल में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव में उम्मीदवार न उतारना ठीक नहीं है और यह लोकतंत्र के खिलाफ है। मालीवाल ने कहा कि अगर हार का डर भी हो, तब भी चुनाव लड़ना चाहिए। अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा फैसला दिखाता है कि पार्टी का लोकतंत्र में पूरा भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के विकास के लिए एमसीडी बहुत जरूरी है। आप पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप सत्ता में थी, उस समय एमसीडी का बहुत बुरी हालत थी।