
BJP MLA Santu Pan Statement: पश्चिम बंगाल पुलिस एक्शन मोड में है। हुगली जिले के तारकेश्वर क्षेत्र के पूर्व TMC विधायक रामेंदु सिंह रॉय के घर के पास स्थित एक कॉलेज परिसर में रेड की। जहां से भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री और लाठी-डंडे मिले। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा राज्य में राहत सामग्री की कथित जमाखोरी और अवैध रूप से छिपाकर रखने की जांच के तहत की गई।
हुगली के तारकेश्वर विधानसभा सीट से BJP विधायक संतु पान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौके से मिली लाठियां आम इस्तेमाल की नहीं थीं, बल्कि उनका उपयोग पुलिस कार्रवाई या लोगों के साथ मारपीट में किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक रामेंदु सिंह रॉय कथित तौर पर सामान अपने घर ले जा रहे थे और उस दौरान उनके घर की बिजली बंद कर दी गई थी, जबकि आसपास के इलाके में बिजली थी। संतु पान ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक, स्थानीय लोगों ने घटनाक्रम देखा है और क्षेत्र में लोगों पर काफी अत्याचार हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में सरकारी राहत सामग्री की जमाखोरी को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कई नेता जांच के दायरे में आ गए हैं। आरोप है कि आपदा प्रभावित लोगों के लिए भेजी गई राहत सामग्री को कुछ नेताओं ने अपने कब्जे में रख लिया था। इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई नेताओं को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में पश्चिम बर्धमान जिले के जमुरिया इलाके में एक बंद क्वार्टर से बड़ी मात्रा में कंबल, तिरपाल, कपड़े, चावल और गेहूं बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि यह जगह TMC नेता उदीप सिंह से जुड़ी हुई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
इसी तरह पिछले दिनों दक्षिण 24 परगना जिले के उस्ती में तृणमूल के पूर्व मंत्री गियासुद्दीन मोल्ला के घर से भी राहत सामग्री मिलने की खबर सामने आई। बरामदगी के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके घर के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने नेताओं पर राहत सामग्री छिपाने के आरोप लगाए।
पश्चिम बर्धमान के पंडाबेश्वर क्षेत्र में पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती भी विवादों में घिर गए। उनके घर के पास एक गोदाम से तिरपाल, कपड़े और खाद्य सामग्री मिलने का दावा किया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन किया।
वहीं, 31 मई को दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में TMC सांसद बापी हल्दर के कार्यालय से भी राहत सामग्री मिलने का आरोप लगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की। इन घटनाओं के बाद राज्य में राहत सामग्री के वितरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।