
INDIA Alliance Meeting: सोमवार को विपक्षी गठबंधन INDIA की सोमवार को बैठक हुई। इस बैठक में करीब 25 पार्टियों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में कांग्रेस को सहयोगी दलों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रवैये और पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बैठक में वाम दल, आरजेडी और सपा ने कांग्रेस की एकतरफा और मनमानी राजनीतिक को गठबंधन की एकता के लिए नुकसानदायक बताया। नेताओं का कहना था कि कांग्रेस की समावेशी नेतृत्व की कमी सहयोगी दलों के बीच भरोसा कमजोर कर रही है।
दरअसल, विपक्षी दलों की बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति को लेकर रहा। नेताओं ने कांग्रेस द्वारा डीएमके के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए।
CPM सांसद जॉन ब्रिटास ने कांग्रेस द्वारा DMK के बजाय विजय की TVK के साथ जाने के फैसले को विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह DMK प्रमुख एमके स्टालिन के साथ व्यवहार किया, वैसा ही पहले जेडीयू नेता नीतीश कुमार के साथ भी हुआ था, जिसके बाद उन्होंने गठबंधन छोड़ दिया था।
बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि कांग्रेस के लगातार एकतरफा फैसले क्षेत्रीय दलों के बीच अविश्वास बढ़ा रहे हैं, और इससे विपक्षी एकता कमजोर हो रही है।
वहीं बैठक में सहयोगी दलों के नेताओं की नाराजगी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आलोचनाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि मैं सारी आलोचनाएं मुस्कुराकर स्वीकार करता हूं। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट रहने और जनता के मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद तक संयुक्त संघर्ष करने की अपील की।
इंडिया गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी भी शामिल हुईं। वह इस बैठक में काफी आक्रमक रूप से नजर आईं। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ घेराव करने की बात कही और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के साथ अन्याय किया गया है।
वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी मौजूद रहीं, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और केवल चर्चा को सुना।
बैठक के अंत में विपक्षी दलों ने आपसी समन्वय की कमी पर चिंता जताई और फैसला किया कि INDIA गठबंधन के नेता अब हर दो महीने में बैठक करेंगे। अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।