
General Upendra Dwivedi Statement: भारत और चीन के बीच LAC पर स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) ने कहा है कि सीमा पर तनाव कम हुआ है, लेकिन सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सेना प्रमुख ने कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत और सैन्य स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने साफ किया कि स्थिति स्थिर होने का मतलब यह नहीं है कि सेना सतर्कता कम कर देगी।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर है, लेकिन संवेदनशील भी है। सेनाओं के पीछे हटने के समझौतों से जमीनी स्तर पर स्थिरता बढ़ी है, और अब दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता दिखा रहे हैं। पिछले एक साल में फिर से शुरू हुई कूटनीतिक और सैन्य बातचीत से तनाव कम करने, सीमा प्रबंधन से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों को सुलझाने और आपसी भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच हर साल 1100 से ज्यादा जमीनी स्तर की बातचीत होती है। इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाना है। उन्होंने कहा कि सेना सीमा पर निगरानी, बुनियादी ढांचे के विकास, हथियारों और अन्य जरूरी संसाधनों को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा, स्थिरता का मतलब आत्मसंतुष्टि नहीं है। भारतीय सेना किसी भी खतरे को रोकने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूती से तैनात है। उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे का विकास, निगरानी, लॉजिस्टिक्स, आवाजाही और क्षमता बढ़ाना प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा, 'हम हर तरह की स्थिति के लिए तैयार हैं चाहे वह रोजमर्रा का सीमा प्रबंधन हो या कोई ऑपरेशनल चुनौती।'
सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना की रणनीति साफ है। भारत सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है, लेकिन साथ ही अपनी तैयारियों को मजबूत रखना भी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों को बातचीत से हल करने की कोशिश जारी रहेगी, लेकिन सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहेगी।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में बढ़ रही गतिविधियों को लेकर भी सेना प्रमुख ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां होने वाली हर गतिविधि पर भारतीय सेना नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। यह हमारा स्पष्ट और सुसंगत राष्ट्रीय रुख है।
उन्होंने यह भी कहा कि PoK में आतंकी ढांचे और घुसपैठ को लेकर भारत की सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं और सेना अपनी तैयारी उसी हिसाब से कर रही है।
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चार साल तक तनाव की स्थिति रही। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसके बाद दोनों देशों ने कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत की। अक्टूबर 2024 में भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। हाल ही में दोनों देशों ने LAC की स्थिति को लेकर बातचीत की और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमति जताई।