
Iran Attack MT Siron: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के कोस्ट गार्ड ने टोगो के झंडे वाले केमिकल ड्रम एमटी चिरोन को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास रोक लिया। जहाज पर कुल 12 भारतीय नागरिक सवार थे। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इंजेक्शन अन्य रोगियों के साथ आगे बढ़ रहा था, उसी समय ईरानी कोस्ट गार्ड ने उसे स्टेरॉयड और चेतावनी दी। इसके बाद जांच के लिए जहाज को नियंत्रण में ले लिया गया।
मंत्रालय ने तुरंत स्पष्ट कर दिया कि इस घटना में किसी भी भारतीय क्रू सदस्य को कोई नुकसान न हो। सभी 12 भारतीय पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। घटना 25 अप्रैल को हुई बताई जा रही है, जो होर्मुज जल्दरूमध्य के निकट संदेश क्षेत्र में हुई।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि समुद्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस घटना में राहत की बात यह रही कि किसी की जान को खतरा नहीं हुआ। हालाँकि, ऐसी घटनाओं से भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जवानों और नाविकों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज में तनाव चरम पर है। ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना नियंत्रण जत्था बनाए हुए है। ईरानी नौसेना ने साफ कहा कि उनके स्वामित्व के बिना कोई भी जहाज इस रास्ते से गुजरात नहीं जा सकता। हाल के दिनों में कई खिलाड़ियों पर रोक लगाने या चेतावनी देने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय पेट्रोलियम रूट प्रभावित हो रहे हैं।
एमटी चिरोन एक रसायन विज्ञान है, जो टोगो क्रूज़ के तहत संचालित होता है। इसमें भारतीय क्रू दल का सामान्य परिचय है, क्योंकि भारत विश्व के प्रमुख नाविक नाविक देश में से एक है। मंत्रालय ने बताया कि फारस और खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए सिस्टम बढ़ाया गया है।
भारत सरकार ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क बनाया है। विदेश मंत्रालय और गेमप्ले सामूहिक स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री मील पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में विश्व के तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा समर्थित है, इसलिए यहां की कोई भी घटना वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।