राष्ट्रीय

अमेरिका-ईरान समझौते पर कांग्रेस की आई प्रतिक्रिया, भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों, पाकिस्तान-चीन के बढ़ते प्रभाव और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए।

2 min read
Jun 15, 2026
India economy challenges Jairam Ramesh
कांग्रेस ने ईरान-अमेरिका समझौता का किया स्वागत (Photo-IANS)

Jairam Ramesh criticism of Modi Foreign Policy: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सहमति बन गई है। अब इस पर कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। इसके साथ ही भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 19 जून को जिनेवा में दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना सकारात्मक संकेत है, हालांकि इसके सभी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अमेरिका, ईरान और इजरायल इस अंतरिम समझौते का पालन करेंगे और यह क्षेत्र में स्थायी शांति तथा संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

भारत को मिलेगी बड़ी राहत

उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुल जाता है तो भारत को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की गहरी संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

जयराम रमेश ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में हालिया तनाव से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से रुपये पर दबाव बना हुआ है और डॉलर की मांग तथा आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है।

विदेश नीति पर उठाए सवाल

विदेश नीति के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान अब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर फिर से प्रभाव हासिल करता दिखाई दे रहा है। रमेश ने पाकिस्तान के रणनीतिक ढांचे में चीन की बढ़ती भूमिका को भारत की विदेश नीति के लिए एक गंभीर भू-राजनीतिक चुनौती बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल नीति की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय हितों को देखते हुए पश्चिम एशिया में अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों और क्षेत्र के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए अलग नीति अपनाई जानी चाहिए।

ईरान-अमेरिका में हुआ समझौता

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि दोनों देशों के बीच समझौते पर सहमति बन गई है और 19 जून को आधिकारिक हस्ताक्षर 19 जून को होगा। इसके बाद MoU को सावर्जनिक किया जाएगा।

Updated on:
15 Jun 2026 12:19 pm
Published on:
15 Jun 2026 12:04 pm
Also Read
View All