Begusarai Mass Shooting: बेगूसराय गोलीकांड के दो दिन बाद भी बिहार पुलिस हमलावरों को नहीं पकड़ सकी है। इस घटना पर राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस घटना को नागपुर से जोड़कर एक नई बहस छेड़ दी है।
Begusarai Mass Shooting: बिहार के बेगूसराय जिले में मंगलवार शाम हुई अंधाधूंध गोलीबारी मामले के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। एसपी ने मामले की जांच के लिए भले ही चार टीमों का गठन कर दिया हो लेकिन अभी तक पुलिस हमलावरों तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो सकी है। दूसरी तरह बेगूसराय में 30 किलोमीटर तक जिस तरह गोलीबारी की घटना हुई उससे बिहारी का सियासी पारा हाई है। भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल इस मामले पर सरकार पर हमलावर है।
वहीं सरकार में शामिल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस गोलीबारी के नागपुर कनेक्शन की बात को उठाकर एक नई चर्चा छेड़ दी है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और महागठबंधन सरकार को समर्थन दे रही हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा पार्टी के नेता जीतन राम मांझी ने आज बेगूसराय गोलीकांड का संबंध नागपुर से जोड़ते हुए राज्य में अलर्ट जारी करने की मांग उठाई।
जीतन राम मांझी ने ट्वीट किया, "बेगूसराय गोलीकांड के “नागपुर” कनेक्शन की जांच होनी चाहिए। नई सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्षी दल के नेता “बेगूसराय गोलीकांड” मॉडल का इस्तेमाल कर सकते हैं। मैं नीतीश कुमार से आग्रह करता हूं कि अविलंब उक्त मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य में अलर्ट जारी करें।
जीतन राम मांझी के इस ट्वीट से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग जीतन राम मांझी की बात का समर्थन करते दिख रहे हैं तो कई लोगों ने उनका विरोध भी किया है। उमेश मंडल नामक एक यूजर ने लिखा कि पहले अपराधी को तो पकड़िए, बेगूसराय के अलावा पटना भागलपुर, कटिहार, मुजफ्फरपुर ऐसा कोई जिला नही, जहां अपराधी का तांडव नहीं, जैसे लगता है, अपराधियों का ही राज आ गया हो।
अजीत कुमार झा नामक एक यूजर ने लिखा कि आप विक्षिप्त हो चुके लगते हैं। संन्यास ले लें मान्यवर, वैसे आप मर भी जाएं तो प्रदेश का बोझ ही हल्का होगा। आपको नागपुर सूझता है। माथा से पैदल लोग भी इतना अलबल कुछो बोलते नै रहता है। मलाई चाटिये सत्ता की येनकेन प्रकारेण, आज नीतीश बाबू सही लग रहे हैं ज़ब कान पकड़ के भगाए भूल गए।
सैफ नामक एक यूजर ने लिखा कि पता करो ज़रूर किसी शाखा से प्रेरित हो कर, ये निकला होगा। इसलिए कि जो आधा कपड़ा पहनना सिखाते है, उनका दिमाग भी आधा ही होता है। तभी तो नफ़रतें रहते है। पूरी जांच होनी चाहिए। प्रिंस मांझी नामक एक यूजर ने लिखा कि बेगूसराय में गोली चलाने वाले कोई और नहीं बीजेपी के ही लोग है। सत्ता जाने से सदमे में हैं, सरकार नहीं चलाने देने की साज़िश हो रही है बिहार में।