
JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को और बड़ा हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन छात्र पीछे हटने के बजाय पानी की बौछार के बीच गमछा लहराते और डांस करते नजर आए। प्रदर्शन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शन और विधानसभा की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को देखते हुए सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया है। छात्र विधानसभा के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की थी। तीन स्तर की लोहे की बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। छात्रों को रोकने के लिए वॉटर कैनन से पानी की बौछार भी की गई।इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। कई छात्र खेतों के रास्ते आगे बढ़ते हुए विधानसभा के मुहाने तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि झारखंड बनने के बाद से किसी छात्र आंदोलन में प्रदर्शनकारी विधानसभा के इतने करीब नहीं पहुंच पाए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को कई जगहों पर पार किया। इसके बाद छात्र खेतों के रास्ते विधानसभा की ओर बढ़ते हुए उसके काफी करीब पहुंच गए। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत नहीं होगी और सीधे मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन बन चुका है। महतो ने कहा कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह जन आंदोलन बन चुका है। 'युवा' का पैलिंड्रोम 'वायु' है और वायु को कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने अपनी तबीयत का जिक्र करते हुए कहा कि नौ दिन की भूख हड़ताल के बाद वह एंबुलेंस से यहां पहुंचे और स्ट्रेचर पर इस मार्च में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल कर रही है। महतो ने कहा कि सरकार के साथ छात्रों की तीन दौर की बातचीत हो चुकी है और अब उनकी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगाऔर सरकार पर इसका असर पड़ेगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं।