
छात्रों के प्रदर्शन में 'पुष्पा'। फोटो- एएनआई
Jharkhand Student Movement: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव तक पहुंच गया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के बाहर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान एक युवक फिल्म के किरदार ‘पुष्पा’ के अंदाज में प्रदर्शन में शामिल हुआ। उसने कहा कि वह ‘पुष्पा स्टाइल’ में विरोध जताने आया है।
युवक ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि बड़े अभिनेता और सोशल मीडिया प्रभाव रखने वाले लोग भी छात्रों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे थे। उसने कहा कि ये भी छात्र हैं और इनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल युवक ने कहा कि अभ्यर्थियों का यह मामला राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचना चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। उसने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगें मानने की अपील की। युवक ने कहा कि झारखंड के छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इसी बीच मानसून सत्र को छोड़कर जेएलकेएम के डुमरी विधायक जयराम महतो भी विधानसभा के बाहर आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों के साथ धरने पर बैठकर उनके आंदोलन का समर्थन किया। छात्र जेपीएससी और जेएसएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। विधानसभा घेराव के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।
वहीं छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा कि सरकार ‘लॉलीपॉप’ देकर छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की मांगें मान ली गई हैं तो उन्हें आधिकारिक तौर पर लागू क्यों नहीं किया जा रहा है? मुख्यमंत्री सामने आएं और मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट करें। आप बच्चों को लॉलीपॉप क्यों दे रहे हैं? झारखंड में लॉलीपॉप देना बंद करें। आपने पहले ही बहुत लॉलीपॉप दे दिए हैं। प्रेम नायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें घमंड छोड़कर छात्रों से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र शुरू से ही उनसे बात करना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि आप इतना घमंड मत रखिए। अगर जनता बात करना चाहती है तो उनकी बात सुनिए। जैसे आपके बच्चे होते हैं घर में, वैसे ये भी आपके बच्चे हैं। बात कर लेने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए? वहीं छात्र नेता चंदन कुमार ने रविवार को सरकार के साथ हुई बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि दो दिनों तक मंत्रियों के साथ लगातार बातचीत हुई। इसमें छात्रों की करीब 80 फीसदी मांगों पर सहमति बन गई है। हालांकि, कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच जारी रहेगी। इसके अलावा एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में समिति बनाने की बात कही गई है। अगर जांच में पैसों के लेन-देन का मामला सामने आता है तो ईडी की मदद लेने पर भी विचार किया जाएगा। बातचीत में परीक्षा सुधार को लेकर भी सहमति बनी है। छात्रों की मांग है कि जेपीएससी की परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जाएं, ताकि आगे ऐसी गड़बड़ियां न हों। इसके अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी है। चंदन कुमार ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी सरकार को गिराने या राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए नहीं है।
Updated on:
10 Aug 2026 03:56 pm
Published on:
10 Aug 2026 03:56 pm
