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बिहार के बाद अब दिल्ली की बारी, राजधानी में दस्तक देगी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, रविवार को बड़ी बैठक

Prashant Kishor की जन सुराज पार्टी अब बिहार के बाद दिल्ली में संगठन खड़ा करने की तैयारी में है। रविवार को दिल्ली में समर्थकों की बड़ी बैठक होगी।
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भारत

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Rahul Yadav

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Sep 26, 2026

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प्रशांत किशोर (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Prashant Kishor and Jan Suraaj Party: प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी अब बिहार के बाद दिल्ली में अपना संगठन खड़ा करने की तैयारी में है। पार्टी रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपने समर्थकों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में दिल्ली के लिए स्टीयरिंग कमेटी का ऐलान किया जाएगा। यही कमेटी आगे पार्टी के संगठन और टीम का ढांचा तैयार करेगी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जन सुराज दिल्ली में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपना आधार मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

दिल्ली में पार्टी का पहला बड़ा कदम

प्रशांत किशोर की पार्टी का लक्ष्य दिल्ली में अपना संगठन खड़ा करना है। इसके लिए रविवार की बैठक को अहम माना जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में जन सुराज समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। इनमें बिहार से ताल्लुक रखने वाले दिल्ली के लोग भी शामिल होंगे। पार्टी दिल्ली में अपने कार्यालय के लिए जगह भी तलाश रही है। इसके लिए कुछ स्थानों को चुना गया है। अब किराये और दूसरी औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं।

इन नेताओं को स्टीयरिंग कमेटी में जगह

जन सुराज की प्रस्तावित स्टीयरिंग कमेटी में कई नामों पर चर्चा है। इनमें अधिवक्ता तथागत हर्षवर्धन का नाम शामिल है। वह पूर्व बक्सर सांसद केके तिवारी के बेटे हैं और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बक्सर से पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं।दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज के प्रोफेसर शांतनु कुमार, हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेपी सिंह और पूर्व भारतीय आर्थिक सेवा अधिकारी कुंवर चंद्रेश भी संभावित सदस्यों में हैं।

इसके अलावा अधिवक्ता अबू अफान फारूकी, प्रियंका सिंह, कारोबारी अजय सिंह और पूर्व ओएनजीसी निदेशक बादी-उद-दोजा के नाम भी सामने आए हैं।

नगर निगम से विधानसभा तक चुनाव लड़ने की तैयारी

स्टीयरिंग कमेटी का मुख्य काम दिल्ली में पार्टी का संगठन तैयार करना होगा। इसमें पदाधिकारियों की नियुक्ति और पार्टी की आगे की रणनीति तय करने का काम शामिल रहेगा। पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक, जन सुराज दिल्ली में होने वाले अगले सभी बड़े चुनावों में उतरने की तैयारी कर रही है। इसमें 2027 के दिल्ली नगर निगम चुनाव, 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनाव शामिल हैं।

जन सुराज के नेता शांतनु कुमार ने कहा कि पार्टी दिल्ली में किसी एक समुदाय पर विशेष ध्यान नहीं देगी। उनका कहना है कि पार्टी समाज के अलग-अलग वर्गों को साथ लेकर चलना चाहती है।

पूर्वांचली मतदाताओं पर भी नजर

दिल्ली में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाली बड़ी आबादी को भी पार्टी अपने साथ जोड़ना चाहती है। जन सुराज के एक सूत्र के मुताबिक, पार्टी खास तौर पर पूर्वांचली मतदाताओं के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करेगी। पार्टी के नेताओं का दावा है कि दिल्ली की कई विधानसभा सीटों पर पूर्वांचली मतदाता चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रदूषण और यमुना पर समाधान का दावा

जन सुराज दिल्ली में वायु प्रदूषण और यमुना की सफाई जैसे मुद्दों को भी अपने एजेंडे में शामिल करने की तैयारी में है। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि इन समस्याओं से निपटने के लिए पहले से व्यवस्थाएं मौजूद हैं लेकिन उनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो रहा है। पार्टी का कहना है कि वह इन समस्याओं के लिए नए और प्रभावी समाधान सामने रखने की कोशिश करेगी।

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव में जन सुराज अपना खाता नहीं खोल सकी थी। पार्टी ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके बाद अगस्त 2026 में प्रशांत किशोर ने बैंकिपुर विधानसभा उपचुनाव जीतकर चुनावी वापसी की। अब पार्टी बिहार से बाहर दिल्ली को अपने विस्तार की अगली जमीन बनाने की तैयारी में है।