Siddaramaiah lashes out at PM Modi: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने जाते-जाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ा संदेश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वह कभी सीएम बनेंगे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने जनता से किए वादे पूरे करने की पूरी कोशिश की। साथ ही उन्होंने जाते-जाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य विपक्षी को भी सीधा संदेश दे दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उन विपक्षी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि राज्य का खजाना पूरी तरह से खाली हो चुका है। सिद्धारमैया ने जाते-जाते राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताया।
सिद्धारमैया ने साफ कहा कि गारंटी योजनाओं की वजह से राज्य दिवालिया नहीं हुआ। उल्टा, इन योजनाओं ने लोगों की खरीदारी क्षमता बढ़ाई है। उन्होंने कहा- हमने जनता से जो वादा किया था, उसे निभाने की पूरी ईमानदारी से कोशिश की। हमने अपना वचन नहीं तोड़ा।
उन्होंने आंकड़ा जारी करते हुए बताया कि कर्नाटक देश में जीएसटी कलेक्शन में दूसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। राज्य की विकास दर 8.1 प्रतिशत रही, जबकि पूरे देश की औसत 7.4 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटी एक्ट के तहत फिस्कल डेफिसिट 3 प्रतिशत के अंदर होना चाहिए। कर्नाटक का यह 2.95 प्रतिशत है। राज्य का कर्ज जीएसडीपी का 24.94 प्रतिशत है, जो 25 प्रतिशत की सीमा से कम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व घाटा केंद्र सरकार की वजह से हुआ है। 15वें वित्त आयोग ने कई अनुदान नहीं दिए। जल जीवन मिशन, अपर भद्रा परियोजना और बेंगलुरु झीलों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये रोके गए। सिद्धारमैया ने कहा- पहले भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था बिगाड़ दी थी, उसी का असर अब दिख रहा है।
सिद्धारमैया ने अपनी सरकार के कामकाज पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि 2023 के मेनिफेस्टो में 550 से ज्यादा वादे किए गए थे, जिनमें से 300 पूरे कर दिए गए। 2013 में 163 वादों में से 158 निभाए गए। पांच बड़ी गारंटी स्कीम्स भी पहले साल में लागू हो गईं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा- मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन मुख्यमंत्री बनूंगा। गांव से आया हूं, परिवार में किसी ने राजनीति नहीं की। राजनीति में अनायास आ गया।
उन्होंने 50 साल की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी संपत्ति बनाने की कोशिश नहीं की और अपने मूल्यों पर कभी समझौता नहीं किया।
उन्होंने अपने सहयोगियों और कर्नाटक की जनता को धन्यवाद दिया। दो बार मुख्यमंत्री रहने का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी का आभार माना।