Politics:केरल विधानसभा चुनाव में 102 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस अपना मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई है। एलडीएफ संयोजक टीपी रामकृष्णन ने इस देरी को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है।
UDF: केरल विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद भी कांग्रेस अब तक अपना मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है। इसे लेकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के संयोजक टीपी रामकृष्णन ने कांग्रेसनीत यूडीएफ पर जम कर निशाना साधा है। रामकृष्णन ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सीएम पद को लेकर कांग्रेस फैसला लेने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी नहीं कर पा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'जनता के साथ न्याय करना कांग्रेस की जिम्मेदारी थी, लेकिन वे अभी तक यह ही नहीं तय कर पाए हैं कि मुख्यमंत्री कौन होगा।'
इसके साथ ही रामकृष्णन ने एलडीएफ के भीतर नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर चल रही खींचतान की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि इस चुनाव में एलडीएफ में कोई अंदरूनी विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, "पहले सत्ता पक्ष अपना मुख्यमंत्री चुन ले, उसके बाद सीपीआई (एम) नेता प्रतिपक्ष का फैसला कर ऐलान कर देगी।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या सीपीआई विपक्ष के उपनेता का पद मांग रही है, तो उन्होंने बताया कि गठबंधन में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'यह सवाल सीपीआई से ही पूछा जाना चाहिए। मुझे ऐसी किसी मांग के बारे में जानकारी नहीं है। इस पर अंतिम फैसला सीपीआई (एम) ही लेगी।' उन्होंने पिनाराई विजयन के खिलाफ सीपीआई के किसी भी कड़े रुख की जानकारी होने से भी इनकार किया।
गौरतलब है कि केरल में प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए कांग्रेस आलाकमान नई दिल्ली में लगातार मंथन कर रहा है। मंगलवार को शुरू हुई इस अहम बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कई पूर्व अध्यक्ष शामिल हुए। सीएम पद की रेस में वीडी सतीशन, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथला का नाम सबसे आगे चल रहा है।
ध्यान रहे कि 140 सीटों वाली यूडीएफ ने केरल विधानसभा में 102 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इतनी बड़ी जीत के बावजूद सीएम का नाम घोषित नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हाल ही में कांग्रेस विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री चुनने का पूरा अधिकार पार्टी आलाकमान को सौंप दिया है।
वहीं, टीपी रामकृष्णन ने सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन पर लगे गंभीर आरोपों की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में एसआईटी द्वारा पूछताछ किया गया एक व्यक्ति सतीशन के साथ मंगलपुरम दौरे पर मौजूद था। साथ ही, सतीशन पर एक एनडीए नेता के घर पर अडानी समूह के अध्यक्ष से मुलाकात करने का भी आरोप है। रामकृष्णन ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और केपीसीसी को इन आरोपों पर तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।