तेलंगाना में रामा राव ने कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए 20 लाख घर बनाने की चुनौती दी। साथ ही भ्रष्टाचार, बुलडोजर कार्रवाई और जनता को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगाए।
KTR Housing Challenge: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (K.T. Rama Rao) ने कांग्रेस सरकार के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को सीधी चुनौती देकर पूरी सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि 'पहले गरीबों के लिए 20 लाख घर बनाओ, फिर जनता के बीच जाकर वोट मांगना' कांग्रेस सरकार की नीतियों और उनके वादों पर तीखा हमला बोलते हुए रामा राव ने साफ कर दिया कि हवा-हवाई दावों से अब काम नहीं चलेगा।
उन्होंने मंत्री पोंगुलेटी के उस पुराने बयान को याद दिलाया, जिसमें मंत्री ने कहा था कि 'कांग्रेस 20 लाख इंदिराम्मा घर देने के बाद ही जनता से वोट मांगेगी। अब रामा राव ने इसी बयान को हथियार बनाकर पूछा है कि क्या मंत्री में अपनी ही बात पर टिके रहने की हिम्मत है।'
रामा राव बीआरएस (BRS) सरकार के काम की तुलना आज की कांग्रेस सरकार से करते हुए हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीआरएस ने गरीबों को आत्मसम्मान के साथ जीने का हक दिया था। रामा राव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि 'हमारी पार्टी ने गरिमा और गौरव से भरे घर बनाए। हमने घटिया स्तर के, माचिस की डिब्बी जैसे घर नहीं बनाए। हमने गरीबों के लिए विशाल और सम्मानजनक घर बनाए, और एक ऐसा मॉडल तैयार किया जिसकी पूरे देश में सराहना हुई।
जिसके बाद उन्होंने कहा कि 'उनकी सरकार ने अकेले हैदराबाद में करीब एक लाख डबल-बेडरुम वाले शानदार घर बनाए थे। BRS सरकार का हर एक घर कांग्रेस के दावों वाले सात 'इंदिराम्मा घरों' के बराबर है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कांग्रेस में प्रशासनिक क्षमता है, तो वे हैदराबाद में इससे बेहतर डबल-बेडरुम प्रोजेक्ट्स बनाकर दिखाएं, न कि सिर्फ पिछली सरकार पर झूठे आरोप लगाएं।
KTR ने कांग्रेस सरकार द्वारा हाल ही में की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सीधा हमला करते हुए कहा कि 'हमने एक-एक ईंट जोड़कर घर बनाए, जबकि आप आम लोगों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं।' आप हर सप्ताहांत लोगों के घरों को ढहाकर मजा ले रहे हैं, और फिर भी आप आवास के बारे में बड़े घमंड से बात करते हैं।' रामा राव यहीं नहीं रुकी, उन्होंने सरकार से तुरंत एक व्हाइट पेपर (श्वेत पत्र) जारी करने की मांग की है। इस व्हाइट पेपर में सरकार को दो मुख्य बातें साफ करनी होंगी।
राजनीतिक हमले को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाते हुए बीआरएस नेता ने कांग्रेस पर भी बड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि 'बीआरएस तेलंगाना के आत्मसम्मान की रक्षा करना जानती है, न कि सत्ता में बने रहने के लिए दिल्ली दरबार के चक्कर काटना। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि 'हमें तो बस तेलंगाना के स्वाभिमान को बनाए रखना आता है। हमें यह नहीं आता कि मुकदमों से बचने के लिए आलीशान होटलों में दिल्ली के नेताओं के पैरों में गिरें।'
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अब तेलंगाना की जनता के सामने यह सवाल बड़ा हो गया है कि आखिर वादों की इस लड़ाई में सच्चा कौन है? रामा राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचार, जमीन की ब्लैकमेलिंग, राजस्व प्रणाली का दुरुपयोग और आम जनता को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। अपनों को बड़े-बड़े कॉन्ट्रैक्ट देने और अवैध क्रशर चलाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
कमजोर और पिछड़े वर्गों के नेताओं के प्रति कांग्रेस के अहंकार पर निशाना साधते हुए रामा राव ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी कांग्रेस के '420 चुनावी वादों के फ्रॉड' को बेनकाब करती रहेगी। उन्होंने अंत में कहा कि 'हम तेलंगाना की जनता से किए गए छह गारंटियों और तेरह घोषणाओं के वादों के साथ हुई गद्दारी पर सवाल उठाना बंद नहीं करेंगे। कोई भी ध्यान भटकाने वाला नाटक जनता की आवाज़ को खामोश नहीं कर सकता है।