
TMC Internal Conflict: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जिसने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी से निलंबित किए गए बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में देखे गए हैं। इन दोनों नेताओं ने 50 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा कर राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी से निष्कासित किए गए दोनों विधायकों ने दावा किया है कि उन्हें 50 से अधिक विधायकों का समर्थन मिला है। इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी के अंदर एक नया गुट आकार ले रहा है, जो नेतृत्व को सीधी चुनौती दे सकता है।
जानकारी के अनुसार, टीएमसी के भीतर एक बागी समूह ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नया नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की रणनीति पर काम कर रहा है। यदि यह दावा सियासी रूप लेता है, तो यह पश्चिम बंगाल विधानसभा की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि टीएमसी ने बीते सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था। पार्टी का कहना था कि दोनों नेताओं ने संगठन की अनुशासनात्मक व्यवस्था का उल्लंघन किया है।
विवाद तब और गहरा गया जब दोनों बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि 6 मई को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष और चीफ व्हिप के नामों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव पत्र पर कई विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किए गए थे। इतना ही नहीं, उनका यह भी दावा है कि उनके अपने हस्ताक्षर भी जाली बनाए गए।
पार्टी से निष्कासन के अगले ही दिन दोनों नेताओं को कई टीएमसी विधायकों के संपर्क में देखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कोलकाता स्थित विधायक हॉस्टल में पार्टी के कई विधायकों से मुलाकात की, जिसके बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं और तेज हो गईं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा था कि टीएमसी अब ममता बनर्जी के हाथों से हाईजैक हो चुकी है। उन्होंने यह बयान पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया, जिसने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया।