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Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर बवाल, जानें अब कांग्रेस के पास क्या है विकल्प

Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दिया।

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Jun 10, 2026
Meenakshi Natarajan Nomination Rejected congress protest
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना (Photo-IANS)

Madhya Pradesh Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश की तीन राज्य सभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस ने इसे सीट चोरी बताया। वहीं बीजेपी ने इसे सत्य की जीत बताया। 

इसके अलावा कांग्रेस नेता जयराम रमेश, सचिन पायल, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल समेत कई बड़े नेता दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे और धरना दे दिया। 

चुनाव आयोग से मिलेंगे कांग्रेस नेता

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता ईसी में याचिका देने के लिए आए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने गेट नहीं खोला। इसके बाद कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने उनका पत्र ले लिया और बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा। 

चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे पत्र में बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को 10 जून 2026 को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में आयोग से बातचीत के लिए समय दिया गया है।

क्यों रद्द हुआ नामांकन? 

बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन उस शिकायत के बाद खारिज किया गया, जो बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नटराजन ने अपने शपथपत्र में तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है।

कांग्रेस के पास अब क्या है विकल्प

बता दें कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस अपना दूसरा प्रत्याशी नहीं उतार सकती है, क्योंकि नामांकन करने की आखिरी तारीख 8 जून थी। हालांकि कांग्रेस के पास अभी भी कई विकल्प है। नामांकन वापस लेने की तारीख तक कांग्रेस के पास अपील का मौका है। वह कोर्ट में इस फैसले को लेकर याचिका दायर कर सकती है। 

इसके अलावा कांग्रेस इस पूरे मामले की समीक्षा की मांग कर सकती है। पार्टी के पास एक विकल्प यह भी है कि परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस याचिका लगाकर रिजल्ट को चुनौती दे सकती है। 

कांग्रेस ने क्या लगाया आरोप

नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। साथ ही कहा कि इसे वोट चोरी नहीं बल्कि सीट चोरी की है। पार्टी ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का भी ऐलान किया है।

विरोध के तहत मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में फर्श पर रात बिताई। वहीं दिल्ली में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर धरना दिया। नेताओं का आरोप है कि उन्हें आयोग के कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

मीनाक्षी नजराजन ने क्या कहा

कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले तक वोट चोरी की बातें होती थीं, लेकिन अब स्थिति सीट चोरी तक पहुंच गई है।

नटराजन ने कहा कि जब बीजेपी ने पर्याप्त संख्या न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा, तभी से हमें समझ आ गया था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हमारे वकीलों ने अपने तर्क रखे, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं सुना गया और अंततः यह फैसला सामने आया।

Updated on:
10 Jun 2026 03:09 pm
Published on:
10 Jun 2026 08:25 am