26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

IAS बन सकते हैं, तो MLA-MP क्यों नहीं? रेवंत रेड्डी ने चुनाव लड़ने की उम्र 21 साल करने की उठाई मांग

Telangana CM Revanth Reddy MLA MP Age Limit: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधायक और सांसद चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 से घटाकर 21 वर्ष करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगस्त में विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व और INDIA गठबंधन से समर्थन लेकर इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कही।
2 min read
Google source verification
Revanth Reddy election age proposal

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Photo-IANS)

Revanth Reddy Election Age Proposal: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब  21 साल की उम्र में युवा IAS-IPS अधिकारी बन सकते हैं और स्थानीय निकायों में जनप्रतिनिधि चुने जा सकते हैं, तो उन्हें विधायक (MLA) और सांसद (MP) बनने का अधिकार भी मिलना चाहिए।

विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव

सीएम रेड्डी ने आगे कहा कि वह अगस्त में तेलंगाना विधानसभा में इस संबंध में एक प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) लाएंगे, ताकि इस मुद्दे को संसद में उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब मतदान की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष थी, तब विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष तय की गई थी। अब मतदान की उम्र 18 वर्ष है, इसलिए चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु भी 25 से घटाकर 21 वर्ष की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 21 वर्ष की उम्र में युवा IAS, IPS और अन्य सिविल सेवाओं में चयनित हो सकते हैं। वे मेयर बन सकते हैं और ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधि भी बनते हैं। ऐसे में उन्हें विधानसभा और संसद का चुनाव लड़ने से वंचित रखना उचित नहीं है।

खरगे और राहुल गांधी से करेंगे चर्चा

रेवंत रेड्डी ने कहा कि वह पहले तेलंगाना विधानसभा से इस प्रस्ताव को पारित कराने की कोशिश करेंगे। इसके बाद वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। साथ ही INDIA गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं से भी समर्थन मांगेंगे, ताकि इस मुद्दे को संसद में आगे बढ़ाया जा सके।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर क्या बोले?

इस दौरान उन्होंने परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर भी प्रतिक्रिया दी। सीएम रेड्डी ने कहा कि अभी ये विषय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) के सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि जब इन पर औपचारिक चर्चा होगी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होंगे, तभी वह इस पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।

बता दें कि सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 विशेष बहुमत हासिल नहीं कर सके और सदन में पारित नहीं हो पाए। मानसून सत्र से पहले अटकलें लगाई जा रही थी सरकर इस सत्र में इस बिल को सदन में ला सकती है। हालांकि इस बार सरकार बिल को सदन में पेश नहीं करेगी।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग