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जब दुनिया में छिड़ी जंग, भारत ने ऐसे बचाई अपने लोगों की जान- एस. जयशंकर ने दिया 12 साल का हिसाब

दुनिया के कई देशों में युद्ध और संकट के दौरान India ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने यूक्रेन, इजरायल, अफगानिस्तान और सूडान का जिक्र किया।
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Updated: 9 Jun 2026, 4:16 PM IST
S Jaishankar
विदेश मंत्री एस जयशंकर (Image-ANI)

Modi Diplomacy 12 Years: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व की जमकर तारीफ की है। विदेश मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में पिछले 12 सालों में जमीन-आसमान का बदलाव आया है। जयशंकर ने इस दौरान यूक्रेन, इजरायल, अफगानिस्तान और सूडान के संकट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे मुश्किल हालात में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने बेहद असरदार तरीके से काम किया।

12 साल में बदली विदेश नीति- एस. जयशंकर

विदेश मंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, 'पिछले 12 साल में विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है। पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज के अटेस्टेशन को आम नागरिक के लिए एक आसान अनुभव बनाया गया है। विदेश में खुले दूतावासों और भारतीय समुदाय के लिए वेलफेयर फंड के ज्यादा इस्तेमाल के जरिए भारतीयों को पूरी मदद दी। शिकायत सुलझाने और फीडबैक के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए।'

21 देशों से मोबिलिटी साझेदारी

विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध जैसे हालात में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालकर सरकार ने तेजी से कार्रवाई की। यूक्रेन, इजरायल, अफगानिस्तान और सूडान इसके कुछ उदाहरण हैं। भारतीयों को ग्लोबल वर्कप्लेस तक पहुंचने और ग्लोबल वर्कफोर्स का हिस्सा बनने में मदद की। अब तक 21 मोबिलिटी (कौशल विकास) पार्टनरशिप की हैं। भारतीय व्यवसाय को विदेश में मार्केट एक्सेस दिलाने और एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद की।

विदेशों में 44 नए दूतावास खोले गए

विदेश मंत्री ने कहा कि अब भारतीय छात्र विदेशों में ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। जयशंकर ने कहा, 'विदेश में रहने वाले भारतीय स्टूडेंट्स के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई। भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया और अन्य देशों में हमारी विरासत और परंपराओं के प्रति सम्मान और समझ को बढ़ावा दिया। विदेश में रहने और जाने वाले भारतीयों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 44 दूतावास और कॉन्सुलेट खोले। भारतीय डिप्लोमेसी देश के लिए 24/7 काम करती है।'

पासपोर्ट से लेकर बिजनेस तक, जमीन पर क्या बदला?

विदेश मंत्री ने कहा, 'जयशंकर के मुताबिक पहले जो पासपोर्ट बनवाना और सरकारी दस्तावेजों का अटेस्टेशन कराना एक सिरदर्द हुआ करता था, उसे अब बेहद आसान बना दिया गया है। भारतीय कंपनियों और बिजनेस को विदेशी बाजारों में एंट्री दिलाने के लिए भी सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिसका नतीजा यह है कि भारतीय प्रोडक्ट्स की डिमांड अब दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है।'

Updated on:
9 Jun 2026, 4:16 PM IST
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