
TMC Rebel MPs Join NCPI: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय करने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (NCPI) की पार्टी हो रही है। इस पार्टी को त्रिपुरा में 2023 के विधानसभा चुनाव में महज 822 वोट मिले थे। लेकिन अब 20 सांसदों वाली यह पार्टी बन गई है। 2023 में इस NCPI का गठन हुआ था और इसे महज 1.13 लाख रुपये का चंदा मिला था।
बता दें कि NCPI को 20 जनवरी को 2023 को चुनाव आयोग ने पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी थी। बंगाल में पंजीकृत होने के बावजूद पार्टी ने अपना पहला चुनाव त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में लड़ा।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार पार्टी को कुल सिर्फ 1.13 लाख रुपये का चंदा मिला था। पार्टी की कोषाध्यक्ष शेउली कुंडी हैं, लेकिन वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर है वहीं उनके पति उत्तिया कुंडू हैं। दोनों का संबंध हावड़ा जिले के बनीपुर क्षेत्र से है, जहां पार्टी का पंजीकृत कार्यालय भी स्थित है।
पार्टी ने त्रिपुरा में 2023 में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। बता दें कि दिलचस्प बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनीतिक विस्तार की योजना के तहत त्रिपुरा में कदम रखा था। 2023 के विधानसभा चुनाव में उसने 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और उसे 22,316 वोट (0.88%) मिले थे।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी महज दो ही सीटों पर चुनाव लड़ी थी। चौमनू सीट पर पार्टी को महज 536 और कैलाशहर सीट पर 286 वोट मिले थे। इस तरह पार्टी को महज 822 वोट ही मिले, जो कि नोटा से भी कम थे।
हालांकि पार्टी का राजनीतिक आधार बेहद सीमित रहा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के विलय के बाद इसकी अहमियत अचानक बढ़ गई है। बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। साथ ही उन्होंने संसद में अलग समूह के रूप में मान्यता देने का अनुरोध भी किया है। इसके अलावा TMC के बागी सांसद अब सदन में एनडीए का समर्थन करेंगे।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने पुष्टि की कि बागी सांसदों का समूह एनसीपीआई में शामिल हो गया है। इस विलय के बाद अब तक लगभग अज्ञात रही यह पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में सुर्खियों में आ गई है।