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ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा, IAF ने दिखाए हमलों के सबूत, जानिए पाकिस्तान में कहां-कहां हुआ हमला

Operation Sindoor के एक साल पूरे होने पर भारतीय Air Force ने वीडियो जारी किया। यह कार्रवाई 7 मई 2025 को पहलगाम हमले के बाद की गई थी। इसमें Pakistanऔर POK के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। जिसके बाद दोनो देशों में तनाव बढ़ा गया था।
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May 07, 2026
IAF ने दिखाए हमलों के सबूत
IAF ने दिखाए हमलों के सबूत (AI pHOTO)

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय वायुसेना ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायू सेना (Indian Air Force) की गई सैन्य कार्रवाई को दिखाया गया है। यह अभियान 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। वीडियो में लड़ाकू विमानों की उड़ान, नौसेना की तैनाती और हमले के बाद की तस्वीरें दिखाई गईं, इसमें पाकिस्तान और POK के कई आतंकी ठिकानों का भी जिक्र किया गया है।

आतंक के ठिकानों पर सटीक हमला

वीडियो में उन ठिकानों की सूची भी दिखाई गई जिन्हें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में निशाना बनाया गया था। इनमें सवाई नाला, सैयदना बिलाल, कोटली अब्बास, कोटली गुलपुर और भिंबर (POK) Pakistan and Pakistan-occupied Kashmir) शामिल हैं। इसके अलावा पाकिस्तान में मेहमूदा जोया, सरजल लॉन्चपैड, मुरीदके और बहावलपुर जैसे स्थानों का भी नाम लिया गया है। इन ठिकानों को आतंक से जुड़े ढांचे के रूप में बताया गया था।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकतर पर्यटक थे, जिन्हें आतंकियों ने अचानक निशाना बनाया था।

भारत का जवाब और सरकार का रुख

भारत ने इस हमले के जवाब में आतंक से जुड़े ठिकानों पर सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई की। सरकार ने इसे सोच-समझकर की गई कार्रवाई ('focused, measured and non-escalatory') बताया और साफ किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया। इसका मकसद केवल आतंक के ढांचे को खत्म करना था, न कि युद्ध को बढ़ाना।

पीएम मोदी का संदेश और बढ़ता तनाव

इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना बयान भी शामिल किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था, 'आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते, और पानी और खून साथ-साथ नहीं चल सकते।' ऑपरेशन के बाद भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी सख्ती दिखाई। सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा निलंबित कर दिए गए। भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को वापस लौटने की सलाह दी गई।

सीमा पर तनाव के बाद युद्ध विराम

इन कार्रवाइयों के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक तनाव, गोलीबारी और हवाई गतिविधियां जारी रहीं। हालांकि, 10 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद सैन्य गतिविधियां रोकने पर सहमति बनी और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।

Published on:
07 May 2026 10:16 am
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