
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच भाजपा ने कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने लोकसभा में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर विपक्षी सांसदों की सैलरी रोकने की मांग की, जबकि वरिष्ठ भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील की।
भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि इस सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर जिस तरह का हंगामा देखने को मिला, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि जिन दिनों विपक्ष ने कार्यवाही बाधित की है, उन दिनों उनकी उपस्थिति अनुपस्थित दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी और पूरे विपक्ष में नैतिकता बची है तो उन्हें इन दिनों की सैलरी नहीं लेनी चाहिए। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पूरे सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही को बाधित करने का काम किया।
उन्होंने झारखंड में बच्चों की मौत और कर्नाटक की स्थिति का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष इन मुद्दों की अनदेखी कर केवल देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी रोज नया मुद्दा लेकर आते हैं और गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बुलाने की मांग करते हैं, जबकि अमित शाह प्रतिदिन अपने कार्यालय में मौजूद रहते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही चलने दी जाए ताकि चर्चा हो सके। चर्चा होने पर गृह मंत्री सदन में सभी सवालों का जवाब देंगे। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश के सामने 'झूठा नैरेटिव' पेश कर रहा है।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी कई छात्र लगभग दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने परीक्षा कराने का जिम्मा ऐसी कंपनी को दिया था, जिसे पहले उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। प्रसाद ने सवाल किया कि अगर वहां नौकरियां बेची जा रही हैं तो राहुल गांधी उस सरकार पर सवाल क्यों नहीं उठाते, जिसे उनकी पार्टी का समर्थन प्राप्त है।