राष्ट्रीय

पुडुचेरी में NDA की वापसी, एन रंगासामी चुने गए विधायक दल के नेता, ए नमस्सिवायम बने उपनेता

Puducherry में NDA ने लगातार दूसरी बार सत्ता बरकरार रखी। N. Rangaswamy फिर विधायक दल के नेता चुने गए और A. Namassivayam को उपनेता बनाया गया। यह फैसला नई सरकार गठन की प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है।

2 min read
May 08, 2026
विधायक दल के नेता N. Rangaswamy, विधायक दल के उपनेता चुना A. Namassivayam (IANS PHOTO)

NDA Victory Puducherry: पुडुचेरी की राजनीति में एक बार फिर एनडीए (NDA ) ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद शुक्रवार को एन रंगासामी (N. Rangaswamy) को दोबारा NDA विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही साफ हो गया है कि पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार उनकी अगुवाई में सरकार बनेगी। NDA की बैठक में ए नमस्सिवायम (A. Namassivayam) को विधायक दल का उपनेता चुना गया। चुनाव नतीजों के बाद गठबंधन के भीतर यह पहली बड़ी बैठक थी।

ये भी पढ़ें

TCS Nashik Case: संजय शिरसाट ने बताया ‘कॉर्पोरेट जिहाद’, AIMIM नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

NDA ने फिर बनाई सरकार

पुडुचेरी विधानसभा में NDA ने आराम से बहुमत हासिल कर लिया। एनआर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 12 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 4 सीटों पर जीत मिली। AIADMK ने भी गठबंधन को एक सीट दिलाई। वहीं विपक्ष की बात करें तो DMK को 5 सीटें मिलीं और कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई। तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभर रही TVK ने भी पहली बार पुडुचेरी में खाता खोलते हुए 2 सीटों पर जीत दर्ज की।

थट्टांचावडी सीट से बड़ी जीत

एन रंगासामी ने थट्टांचावडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मतगणना में उन्हें कुल 10,024 वोट मिले और उन्होंने 4,441 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने गुरुवार को लोक भवन पहुंचकर उपराज्यपाल के कैलाशनाथन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया। यह संवैधानिक प्रक्रिया नई सरकार के गठन से पहले पूरी की गई।

कांग्रेस छोड़ बनाई नई पार्टी

एन रंगासामी पुडुचेरी की राजनीति का बड़ा और अनुभवी नाम माने जाते हैं। वह साल 2021 से मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं। इससे पहले भी वह कई बार इस पद पर रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार साल 2001 से 2008 तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद साल 2011 से 2016 तक फिर सत्ता में रहे। साल 2011 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस बनाई थी, जिसने बाद में पुडुचेरी की राजनीति में मजबूत जगह बना ली।

जानिए कैसे बने पुडुचेरी के बड़े नेता

पुडुचेरी की राजनीति पिछले कई सालों में लगातार बदलती रही है। साल 1970 में कांग्रेस के वी पेतापेरुमल जैसे नेताओं का प्रभाव था, जबकि 1977 में जनता पार्टी उभरकर सामने आई। साल 1980 और 1990 के दशक में जनता दल ने भी यहां राजनीति में अपनी जगह बनाई। इसी दौरान एन रंगासामी कांग्रेस के नेता के तौर पर आगे बढ़े और 1991 तक बड़ा चेहरा बन गए। 1996, 2001 और 2006 के चुनावों के बाद राजनीति में कई उतार-चढ़ाव आए। फिर 2011 में एनआर कांग्रेस मजबूत होकर सामने आई। बाद में 2019 के उपचुनाव में डीएमके के के वेंकटेशन ने जीत दर्ज की, लेकिन 2021 में रंगासामी ने फिर सत्ता में वापसी की। अब 2026 के चुनाव में लगातार दूसरी बार NDA की जीत ने साफ कर दिया है कि पुडुचेरी में फिलहाल एन रंगासामी की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

ये भी पढ़ें

थलापति विजय को सरकार बनाने का न्योता देने की मांग, राज्यपाल की भूमिका पर सवाल, क्या TVK को मिलेगा मौका
Published on:
08 May 2026 06:24 pm
Also Read
View All