राहुल गांधी ने रायबरेली में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए देश को चेतावनी दी है कि 'भारत में बहुत जल्द आर्थिक तूफान आने वाला है जिससे आम जनता पूरी तरह तबाह हो जाएगी।'
Petrol Diesel Price Hike: रायबरेली पहुंचे लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत में जल्द ही एक भयानक आर्थिक तूफान आने वाला है, जिससे अडानी-अंबानी प्रभावित नहीं होंगे, बल्कि यूपी के युवा, किसान, मजदूर और देश की आम जनता पूरी तरह तबाह हो जाएगी। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ईंधन दामों में हुई बढ़ोतरी को 'मोदी सरकार जनित संकट' बताते हुए इसे आम जनता को लूटने वाला एक समझौतावादी मॉडल करार दिया है।
राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए सीधे पीएम मोदी की नीतियों को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने साफ कहा कि इस आर्थिक झटके का असर देश के बड़े और प्रभावशाली लोगों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। इस पूरे मुद्दे पर राहुल गांधी ने बयान दिया, 'मैं पिछले कुछ दिनों से यह कह रहा हूं कि मोदी जी ने आर्थिक ढांचा बदल दिया है। एक आर्थिक तूफान आने वाला है। उनका अडानी-अंबानी वाला ढांचा ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा, वह ढह जाएगा। दुख की बात यह है कि आम आदमी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।'
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा करीब चार साल की रोक हटाने के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की एक और भारी बढ़ोतरी की गई। दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि इससे पहले दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में सीएनजी के दाम भी दो बार में 3 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाए जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरान-इजराइल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने चुनावों के कारण अब तक इन कीमतों को जानबूझकर रोक रखा था।
राहुल गांधी ने मीडिया के सामने देश के मौजूदा आर्थिक ढांचे को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया। उनका दावा है कि यह पूरी व्यवस्था सिर्फ कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कही कि 'इस आर्थिक झटके का असर अडानी, अंबानी और मोदी पर नहीं पड़ेगा, इसका असर आम आदमी, किसान और मजदूर पर पड़ेगा। मुश्किल समय आने वाला है। कोई कदम उठाने के बजाय, नरेंद्र मोदी लोगों से कह रहे हैं कि वे विदेश यात्राएं न करें, जबकि वे खुद दुनिया भर का दौरा कर रहे हैं।'
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के महज चार दिन बाद ही, मोदी सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि 'आम लोगों को लूटना और अडानी को अमेरिका से खुली छूट दिलवाना' यही है मोदी जी का 'समझौतावादी मॉडल'। मोदी जी, जो दुनिया का गुरु होने का झूठा गुमान पाले रहते हैं, उन्होंने रूसी तेल खरीदने की 'इजाजत' के लिए अमेरिका से एक महीने की मोहलत की भीख मांगी है। जब भी वह ऐसा करते हैं, तो वह 1.4 अरब भारतीयों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हैं। इससे पहले किसी भी सरकार ने इतना नीचे गिरकर काम नहीं किया।'