Rahul Gandhi ने कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले दलितों के लिए सही कदम उठाए होते तो क्षेत्रीय जाति आधारित पार्टियां मजबूत नहीं होतीं। उन्होंने दलितों की कांग्रेस में बड़ी भूमिका के संकेत दिए।
Congress- Dalit Vote Bank: कांग्रेस नेता राहुल गाधी (Rahul Gandhi) ने दलित राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 'अगर कांग्रेस ने 1980 और 90 के दशक के दौरान दलितों के लिए उचित उपाय किए होते, तो न तो जाति आधारित क्षेत्रीय पार्टियां उभरतीं और न ही दलित समुदाय उनकी ओर आकर्षित होता।' सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक के दौरान कहा कि 'भाजपा एक ओर क्षेत्रीय दलों को भंग करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर दलितों के अधिकारों को छीन रही है। दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं।'
कांग्रेस लंबे समय से खुद को सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाली पार्टी बताती रही है। लेकिन पिछले कुछ चुनावों में दलित वोट बैंक का बड़ा हिस्सा दूसरी पार्टियों की तरफ गया। अब कांग्रेस फिर से उस भरोसे को वापस लाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी लगातार अपनी यात्राओं और जनसभाओं में संविधान, आरक्षण और सामाजिक बराबरी का मुद्दा उठाते रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि 'संगठन में भी दलित नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने पर काम किया जा रहा है। कई राज्यों में जिला और प्रदेश स्तर पर नए चेहरे आगे लाने की तैयारी है।'
राहुल गांधी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि देश में आर्थिक और सामाजिक असमानता तेजी से बढ़ रही है। उनका कहना है कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर भी हमला बोलती रही है। हाल के महीनों में राहुल गांधी ने संविधान बचाने, आरक्षण की सुरक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बनाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आने वाले चुनावों में सामाजिक न्याय को बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकती है।
राहुल गांधी के इस बयान को केवल राजनीतिक संदेश नहीं बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कई राज्यों में दलित वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कांग्रेस इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अगर कांग्रेस दलित नेतृत्व को संगठन और चुनाव दोनों में आगे बढ़ाती है, तो इसका असर कई राज्यों की राजनीति पर दिखाई दे सकता है।
राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस को जमीन से जुड़े समाजों के बीच ज्यादा सक्रिय होना होगा। उनका फोकस उन वर्गों पर है जो खुद को राजनीतिक रूप से पीछे महसूस करते हैं। कांग्रेस अब गांव, कस्बों और छोटे शहरों में सामाजिक न्याय से जुड़े अभियानों को तेज करने की तैयारी में है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे दलित समुदाय के बीच उसका आधार फिर मजबूत हो सकता है।