
Rajya Sabha Elections 2026: 18 जून को 27 राज्य सभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ने तैयारी तेज कर दी है। इसी बीच झारखंड और मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वोटिंग से पहले होटल और रिर्सोट पॉलिटिक्स शुरू होने की अटकलें तेज हो गई है। दरअसल, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग और विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर सताने लगा है। यही वजह है कि पार्टी अपने विधायकों को किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गई हैं।
बता दें कि मध्य प्रदेश की तीन राज्य सभा सीटों पर वोटिंग होगी। इससे पहले कांग्रेस अपने विधायकों को क्रॉस वोटिंग से डर से दूसरे राज्य भेजेगी। इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आवास पर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की देर रात बैठक हुई।
बैठक में विधायकों से राय ली गई कि क्या उन्हें मतदान तक किसी अन्य राज्य में रखा जाए, ताकि पार्टी एकजुट बनी रहे और क्रॉस-वोटिंग की संभावना को रोका जा सके।
इस बैठक में 60 विधायकों ने हिस्सा लिया। वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मीटिंग में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी ने विधायकों को कर्नाटक भेजने का फैसला लिया है। बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। पार्टी का मानना है कि विधायक वहां पर सुरक्षित रह सकते हैं।
मध्य प्रदेश की 3 राज्य सभा सीटों पर बीजेपी ने अपने प्रत्याशी उतारे है। तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारने से कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। BJP ने महेश केवट को तीसरा प्रत्याशी घोषित किया है।
इससे पहले तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन नामांकन के अंतिम दिन महेश केवट की एंट्री ने तीसरी सीट का मुकाबला रोचक और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है और शुरुआत में उसे एक सीट मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि अब मुकाबले में अनिश्चितता बढ़ गई है।
पार्टी को 2020 के राजनीतिक संकट की याद भी सता रही है, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी और बीजेपी सत्ता में लौट आई थी।
संख्याबल के आधार पर बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है, लेकिन BJP द्वारा महेश केवट को प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब बीजेपी तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त वोट जुटाने की कोशिश में जुट गई है। इसके लिए पार्टी को कांग्रेस विधायकों को तोड़ना होगा।
मध्य प्रदेश की तरह कांग्रेस झारखंड में भी इसी तरह की रणनीति पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी अपने विधायकों को तेलंगाना भेजने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक 18 जून को होने वाले मतदान तक तेलंगाना में एक रिसॉर्ट में ठहर सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन विधायकों को एकजुट रखने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक विपक्षी दलों को आशंका है कि मतदान से पहले विधायकों को प्रभावित करने की कोशिशें हो सकती हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित और एकजुट रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।