
Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर दान विवाद को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लग रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों और धार्मिक मामलों से जुड़े इतने बड़े आरोप सामने आने के बावजूद देश के बड़े नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे सभी आंख, कान और मुंह बंद करके बैठे हुए हैं।
आगे उन्होंने कहा कि हमारे देश में चोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती खासकर जब चोर बीजेपी से जुड़े हों। राउत ने अपने बयान में बीजेपी पर और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले पार्टी के नेता मंदिरों में हुई लूट या विवादों का जिक्र करते समय महमूद गजनवी और बाबर का नाम लिया करते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं क्योंकि जिन लोगों पर आज सवाल उठ रहे हैं, वे भाजपा से जुड़े हुए हैं। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि पहले भाजपा जिन शासकों को मंदिरों की लूट के लिए जिम्मेदार बताती थी, अब उसी तरह के लोग पार्टी के भीतर ही दिखाई दे रहे हैं।
संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के पूर्व सपा विधायक पवन पांडेय ने राम मंदिर में आए चढ़ावे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन पांडेय का दावा है कि मंदिर में मिले करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये के दान में गड़बड़ी हुई है। इन आरोपों के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया। इसी मामले की जांच के लिए 14 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जो फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
राम मंदिर विवाद का जिक्र करते हुए संजय राउत ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से जुड़े विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक परियोजनाओं के नाम पर बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका भी दाखिल की गई है।