राष्ट्रीय

‘भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के रास्ते बंद नहीं करने चाहिए’, पीएम मोदी की अपील पर क्या बोले RSS जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबाले

Dattatreya Hosabale RSS: आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान को लेकर जरुरी कमेंट किये हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने चाहिए। पीएम मोदी के सोना नहीं खरीदने और वर्क फ्रॉम होम वाले अपील पर भी अपनी रे रखी है।
2 min read
May 12, 2026
rss general secretary Dattatreya Hosabale
दत्तात्रेय होसबाले(फोटो-ANI)

Dattatreya Hosabale: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने मीडिया संस्थान से बात करते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। पाकिस्तान-भारत संबंध, पश्चिम एशिया संकट सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। दत्तात्रेय होसबाले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को 'चुभन देने वाली सुई' जैसा बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए। उनका मानना है कि सुरक्षा के मामले में भारत को सख्ती दिखानी चाहिए, मगर बातचीत का रास्ता खुला रहना जरूरी है।

पाकिस्तान पर ये कहा


एक इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसे हमलों या आतंकी घटनाओं के जरिए भारत को परेशान करने की कोशिश करता है, तो देश को परिस्थिति के हिसाब से जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सुरक्षा और स्वाभिमान सबसे ऊपर होता है और सरकार को उसी हिसाब से कदम उठाने चाहिए। आरएसएस महासचिव ने यह भी साफ किया कि सिर्फ टकराव से समस्या का हल नहीं निकलेगा। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते, व्यापार, वीजा और लोगों के बीच संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं होने चाहिए। उनका कहना था कि बातचीत की एक खिड़की हमेशा खुली रहनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में यही रास्ता तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

पीएम मोदी की अपील पर क्या बोले होसबाले?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल-डीजल की बचत, सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने और गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील पर भी आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की अपीलें देशहित को ध्यान में रखकर की जाती हैं और नागरिकों को भी जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। होसबाले ने कहा कि सादगी और सीमित संसाधनों में जीवन जीना भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है। उनके मुताबिक केवल संकट या युद्ध जैसी स्थिति में ही नहीं, बल्कि सामान्य समय में भी लोगों को जरूरत के हिसाब से खर्च और संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले भी देशहित में इस तरह के कदम सुझाए जाते रहे हैं।

दुनिया में भारत की साख मजबूत


पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को लेकर भी उन्होंने भारत की भूमिका पर भरोसा जताया। उनका कहना था कि पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर भारत की साख काफी मजबूत हुई है। आज दुनिया भारत की बात को गंभीरता से सुनती है और कई मुद्दों पर उसकी राय को महत्व देती है। होसबाले ने कहा कि भारत के पास ऐसा नैतिक और कूटनीतिक प्रभाव है, जिसकी मदद से वह देशों के बीच संवाद और समाधान का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और सकारात्मक बहस को आगे बढ़ाना ज्यादा जरूरी है।

Updated on:
13 May 2026 03:36 pm
Published on:
12 May 2026 09:41 pm