
Mamata Banerjee FIR: पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इस पर शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बीजेपी पर निसाना साधा है। राउत ने कहा कि यदि भड़काऊ भाषणों पर इसी तरह कार्रवाई होती है, तो दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेता अनुराग ठाकुर समेत अन्य नेताओं पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के कई नेता लगातार ऐसे बयान देते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
इस दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा सांसदों की बुलाई गई बैठक पर भी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि हर महीने विधायकों और सांसदों की बैठक होती है और इस बार भी उद्धव ठाकरे ने पार्टी के 9 सांसदों को चर्चा के लिए बुलाया है। जो सांसद मुंबई नहीं पहुंच पाएंगे, वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे।
संजय राउत ने कहा कि इस बैठक में कुछ भी असामान्य नहीं है और पार्टी को तोड़ने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दिन सत्ता उनके हाथ में आएगी, भाजपा खुद बिखर जाएगी और उसके नेता घरों से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं रहेंगे।
बता दें कि संसद में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसद बागी हो गए। इसके बाद अब शिवसेना यूबीटी के सांसदों को तोड़ने की अटकलें तेज हो गई। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अटकलें लगाई जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के कुछ सांसद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के संपर्क में है।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने दावा किया था कि ऑपरेशन टाइगर अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके बाद मंत्री भरत गोगावले ने भी कहा था कि विपक्ष के कुछ नेता हमारे संपर्क में है। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल, पूर्व सीएम पर कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगा है।