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SIR प्रक्रिया शुरू, 28 जून तक फॉर्म नहीं दिया तो नाम कट सकता है, जानिए किन-किन राज्यों में चल रहा है अभियान

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया शुरू की है। 4 राज्यों में BLO घर-घर सर्वे कर रहे हैं। 28 जून तक फॉर्म न भरने पर नाम कट सकता है, वोटर लिस्ट अपडेट जारी है।

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May 31, 2026
SIR प्रक्रिया शुरू (AI-Photo)

SIR Process: चुनाव आयोग ने ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के गिनती वाले चरण की शुरुआत कर दी है। शनिवार से शुरू हुए इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी सीधे आपके घर पहुंच रहे हैं। उनका काम हर घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म बांटना, उन्हें वापस कलेक्ट करना और एक-एक जानकारी को वेरिफाई करना है। अब आपके पास केवल 28 जून तक का ही मौका है। अगर आपका फॉर्म इस तारीख तक या इससे पहले इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स के पास जमा हो जाता है, तभी आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

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चुनाव आयोग की वोटर्स से सीधी अपील

चुनाव आयोग ने कहा कि ' सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सटीक तथा समावेशी मतदाता सूचियां सुनिश्चित करने हेतु घर-घर जाकर की जाने वाली गणना के दौरान चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग करें।'

जानिए किस राज्य में कितने वोटर हैं

इन चारों राज्यों को मिलाकर कुल 3.67 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, लेकिन अकेले ओडिशा में ही 3.34 करोड़ से अधिक वोटर्स मौजूद हैं। इतनी बड़ी आबादी को कवर करने के लिए मैदान में 38,123 बूथ लेवल ऑफिसर्स और 8,391 बूथ लेवल एजेंट्स तैनात किया है। वहीं अगर बाकी तीन राज्यों की बात करें तो मणिपुर में 20.92 लाख, मिजोरम में 8.75 लाख और सिक्किम में 4.71 लाख मतदाता इस प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं। चुनाव आयोग इस बार एक भी फर्जी नाम लिस्ट में नहीं छोड़ना चाहता है।

डेडलाइन छूटी तो क्या होगा? जान लीजिए फॉर्म 6 का ये नियम

इसी बीच कई लोगों के मन में यह सवाल है कि अगर वे 28 जून तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाए तो क्या उनका वोटिंग का अधिकार हमेशा के लिए छिन जाएगा? जवाब है, बिल्कुल नहीं। चुनाव आयोग ने इसके लिए एक बैकअप प्लान भी तैयार रखा है। अगर आप तय समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म नहीं दे पाते हैं, तो भी आपके पास मौका रहेगा।

आप क्लेम्स एंड ऑब्जेक्शंस यानी दावों और आपत्तियों के दौर के दौरान निर्धारित डिक्लेरेशन फॉर्म के साथ 'फॉर्म 6' भरकर नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसे आप सीधे अपने एरिया के बीएलओ को सौंप सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से भी सबमिट कर सकते हैं।

कौन बन सकता है असली वोटर

चुनाव आयोग ने इस SIR का असली मकसद साफ करते हुए बताया 'पुनरीक्षण इसलिए शुरू किया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हों, और साथ ही अयोग्य व्यक्तियों को इसमें शामिल होने से रोका जा सके।' चुनाव आयोग के अनुसार, प्रत्येक भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 साल या उससे अधिक है, और जो कानून के तहत किसी अन्य प्रकार से अयोग्य नहीं है, वह मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का हकदार है।'

SIR प्रक्रिया में इन दस्तावेजों की जांच की जाती है

दस्तावेजदस्तावेज
आधार कार्डवोटर आईडी कार्ड
जन्म प्रमाण पत्रपासपोर्ट
ड्राइविंग लाइसेंसपैन कार्ड
राशन कार्डबिजली/पानी/गैस बिल
बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक10वीं की मार्कशीट / स्कूल सर्टिफिकेट
किरायानामा / निवास प्रमाण पत्र

16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में काम जारी है

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को SIR कराने का आदेश दिया था और अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं तथा लागू करने की प्रक्रिया चरणों में जारी है। पहला चरण बिहार में हुआ, जबकि दूसरा चरण 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चला, जिसमें करीब 59 करोड़ मतदाता कवर हुए, 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA शामिल रहे और मतदाता सूची अपडेट सुनिश्चित की गई। तीसरा चरण 14 मई से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुआ।

चुनाव आयोग ने इस पूरे प्रोसेस को बारीकी से काम किया है। अधिकारियों का कहना है कि घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जो लोग अब उस पते पर नहीं रह रहे हैं या जिन वोटर्स की मौत हो चुकी है, उनके नाम वोटर लिस्ट से आसानी से हटाए जा सकते हैं। इससे आने वाले चुनावों में फर्जी वोटर्स पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

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Updated on:
31 May 2026 09:33 pm
Published on:
31 May 2026 09:21 pm
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