Kerala CM election: कांग्रेस CLP की आज बैठक होने वाली है। इसके बाद केरल के अगले CM को लेकर सस्पेंस खत्म हो जाएगा। कांग्रेस में किसका दावा कितना मजबूत, पढ़ें पूरी खबर...
केरलम में अगले सीएम (Kerala Congress CM) को लेकर चल रहे राजनीतिक उठापटक का आज समापन होने की संभावना है। कांग्रेस ने बीते बुधवार को कहा था कि आज यानी गुरुवार को केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार चुन लिया जाएगा। पार्टी हाईकमान के बीच तीन दावेदारों, केरलम विधानसभा में निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष (LoP) वी.डी. सतीशन, AICC महासचिव (संगठन) व सांसद के.सी. वेणुगोपाल और केरलम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला को लेकर मंथन का दौर जारी है। प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के बीच पावर शेयरिंग का फॉर्मूला भी तैयार किया जा रहा है।
केरलम के अगले सीएम को लेकर कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत हुई। रमेश ने कहा कि केरलम में कांग्रेस विधायक दल (CLP) के सदस्यों द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद, कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं। केरलम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसले की घोषणा गुरुवार को की जाएगी।
कांग्रेस हाईकमान द्वारा फैसले लेने में देरी किए जाने पर सियासत के जानकारों ने अपनी राय रखी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में बीते कुछ सालों में सीएम पद को लेकर पार्टी के भीतर सियासी टसल देखने को मिली थी। कर्नाटक में हर तीन महीने में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर पावर टसल की खबरें आती हैं। राजस्थान में गहलोत और सचिन पायलट का विवाद था। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के बीच टसल की खबरें सामने आती थी। मध्य प्रदेश में तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी तोड़ दी और कांग्रेस की सरकार चली गई। इसलिए इस बार कांग्रेस हाईकमान फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
वीडी सतीशन पिछले पांच साल से विपक्ष के नेता के रूप में सक्रिय रहे हैं। LDF सरकार के खिलाफ सदन में उनकी आवाज मजबूत रही। UDF की जीत में उनका योगदान अहम रहा, जिस वजह से वे स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री पद के सबसे आगे चल रहे हैं। गुरुवार को उनके समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पलायम शहीद स्मारक से मार्च भी निकाला था। सड़कों पर सतीशन के नाम की चर्चा जोरों पर है। यही नहीं, सतीशन को UDF के सहयोगी दलों, विशेष रूप से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का समर्थन प्राप्त है। IUML 22 सीटों के साथ इस गठबंधन का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है।
सतीशन का समर्थन करने वालों का तर्क है कि नेतृत्व को जनता के मिज़ाज और सहयोगी दलों के विचारों को भी ध्यान में रखना चाहिए। वे यह भी बताते हैं कि वेणुगोपाल लोकसभा सांसद हैं और पार्टी आलाकमान ने विधानसभा चुनावों से पहले ही यह तय कर लिया था कि सांसदों को चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा।
केसी वेणुगोपाल को वर्तमान में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पार्टी संगठन में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। वे लगातार विधायकों से संपर्क बनाए हुए हैं और उनके समर्थन जुटाने में जुटे हैं। वेणुगोपाल खेमे का तर्क यह भी है कि पार्टी को उस परंपरा का पालन करना चाहिए जिसके तहत ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाता है जिसे CLP का समर्थन हासिल हो। CLP की बैठक गुरुवार को दोपहर 1 बजे होने की संभावना है।
हालांकि, रमेश चेन्निथला ने भी अपना दावा नहीं छोड़ा है। रमेश चेन्निथला तीनों में सबसे अनुभवी नेता हैं। पार्टी के साथ-साथ गठबंधन के अन्य दलों में भी उनकी अच्छी छवि और साख है। उनके समर्थक उन्हें स्थिर, संतुलित और अनुभवी नेतृत्व के रूप में पेश कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मौजूदा परिस्थितियों में चेन्निथला ही सबसे उपयुक्त विकल्प हैं।अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इन तीनों में से किसे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपता है।