
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल चुनावों में हार के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बढ़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। पार्टी के सांसदों की बगावत के बाद इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। एक के बाद एक लगातार तीन सांसद पार्टी से इस्तीफा दे चुके है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते ममता बनर्जी की स्थिती काफी कमजोर हो गई है। इसे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को टीएमसी के बूरे दौर के लिए जिम्मेदार ठहराया है। गोगोई ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी जनता से किए गए वादों को पूरा करने की बजाय सत्ता हथियाने में लगी हुई है।
गौरव गोगोई ने राजधानी दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करते हुए राजनीतिक लाभ हासिल करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बीजेपी सत्ता में रहेगी तब तक देश की मूल समस्याओं का समाधान नहीं हो सकेगा। गोगोई ने कहा, आज बंगाल में बीजेपी सत्ता में है और उसे जनता की सेवा करनी चाहिए लेकिन वह चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों पर काम करने की जगह केवल राजनीतिक कब्जे की रणनीति में व्यस्त है। गोगोई के अनुसार, बीजेपी का ध्यान शासन और विकास से ज्यादा विपक्षी दलों को कमजोर करने पर है।
गोगोई ने आगे कहा कि लोकतंत्र को दरकिनार कर सत्ता हासिल करने की बीजेपी की राजनीति देश के लिए खतरनाक संकेत है। कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब TMC लगातार अंदरूनी संकट से जूझ रही है और पार्टी के कई सांसद खुलकर बगावत पर उतर आए है। इसी कड़ी में गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बडाइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी पार्टी छोड़ चुके हैं। लगातार तीन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में TMC की संख्या घटकर 10 सांसदों तक पहुंचने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार अगले एक सप्ताह में तीन और सांसद इस्तीफा दे सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि TMC के 28 में से 19 सांसद अलग होकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करने की तैयारी में हैं। इस समूह का नेतृत्व काकोली घोष दस्तिदार कर रही हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी पर पकड़ लगातार कमजोर होती दिख रही है। पार्टी के भीतर बगावत का नेतृत्व कर रहे विधायक रिताब्रत बनर्जी को अब 64 विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। पहले यह संख्या 58 बताई गई थी। रिताब्रत ने कहा है कि आने वाले दिनों में और विधायक उनके साथ जुड़ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो TMC के लिए बंगाल की राजनीति में अपना प्रभाव बनाए रखना कठिन हो सकता है। वहीं विपक्ष BJP पर लगातार राजनीतिक दबाव और टूट की राजनीति करने के आरोप लगा रहा है।