
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (फोटो- एएनआई)
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर उभरे संकट ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढा दी है। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई सांसदों और नेताओं में असंतोष खुलकर सामने आया और पार्टी दो हिस्सों में बट गई। इसी बीच टीएमसी के करीब 20 सांसदों द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA को समर्थन देने की इच्छा जताने की खबर भी सामने आई है। टीएमसी पर आए इस संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इसका जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने पहले महाराष्ट्र और अब बंगाल में विपक्षी दलों को तोडने की एक जैसी रणनीति अपनाई है।
कांग्रेस महासचिव ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा पर एजेंसियों और चुनाव आयोग के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र में यही किया और अब पश्चिम बंगाल में भी वही कर रही है। एक तरफ वे पूरी एजेंसियों और चुनाव आयोग का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए कर रहे हैं और दूसरी तरफ जिन राज्यों में उन्हें सत्ता मिल रही है, वहां विपक्षी दलों को अलोकतांत्रिक तरीके से खत्म करने की कोशिश हो रही है। वेणुगोपाल ने आगे कहा कि इस तरह की राजनीति ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है और आने वाले समय में इन सभी सवालों का जवाब देना होगा।
बता दें कि TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में पार्टी के करीब 20 सांसदों ने हाल ही में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। काकोली घोष ने दावा किया है कि इस पत्र में उन्होंने NDA का समर्थन करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि बंगाल में जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए उन्होंने अपना राजनीतिक भविष्य NDA के साथ जोडने का निर्णय लिया है। दस्तीदार ने यह भी कहा कि यह फैसला अन्य सांसदों से चर्चा के बाद लिया गया। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद उन्होंने पार्टी के कई संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की नीतियों और पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए थे।
चुनावों में हार के बाद से TMC के भीतर असंतोष लगातार बढता दिखाई दे रहा है। सांसद शर्मिला सरकार ने भी अलग गुट बनाकर NDA को समर्थन देने की बात कही है। उनके अनुसार काकोली घोष दस्तीदार इस नए समूह की चीफ व्हिप होंगी जबकि शताब्दी रॉय को डिप्टी लीडर बनाया जाएगा। इससे पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय भी पार्टी और उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। दस्तीदार ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक (I-PAC) पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि पार्टी के पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी ने संगठन को कमजोर किया और चुनावी हार की जमीन तैयार की है।
Published on:
09 Jun 2026 05:27 pm
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