Sudip Bandyopadhyay: टीएमसी के असंतुष्ट और कई बागी सांसद ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को पार्टी से नाराज सभी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। जहां वो अलग गुट होने के साथ-साथ कई और मांग भी स्पीकर के सामने रख सकते हैं।

TMC: ममता बनर्जी और टीएमसी को तब सबसे बड़ा झटका लगा जब पार्टी के वरिष्ठ लोकसभा सांसद और ममता बनर्जी के करीबी सुदीप बंद्योपाध्याय ने बागी गुट ज्वाइन कर लिया था। उसके बाद उन्होंने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की। अब बागी होने के बाद सुदीप बंद्योपाध्याय की पहली प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सांसद और विधायक की बातों ने मेरा दिल दिल छू लिया कि वो ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में काम करना चाहते हैं। इसलिए मैं इनके साथ आ गया।
टीएसमी से बागी होने पर नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि ज्यादातर सांसद और विधायक चाहते थे कि यह पहल सफल हो। वे चाहते थे कि पार्टी ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में चलती रहे और वह मुख्य सलाहकार और पार्टी नेता जैसी भूमिका निभाएं। उन्होंने आगे कहा कि अपील ने सचमुच मेरा दिल छू लिया। इसलिए, मैंने तय किया कि मैं उनके(यानी बागी गुट) के साथ बना रह सकता हूं।
एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से दिल्ली में मुलाकात की। उनके साथ एक और बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। लोकसभा में टीएमसी के नेता और छह बार सांसद रह चुके सुदीप बंदोपाध्याय को लेकर पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर तीखी प्रतिक्रिया दी। महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में कहा कि सुदीप बंदोपाध्याय ने पार्टी नेताओं को बताया था कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, बाद में उन्हें दिल्ली में भूपेंद्र यादव के आवास पर देखा गया। इस पर कटाक्ष करते हुए महुआ ने लिखा कि अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सुदीप बंदोपाध्याय को अपना सोशल मीडिया हैंडल बदलकर '@SudipBJPBTeam' कर लेना चाहिए और टीएमसी के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
टीएमसी के असंतुष्ट और कई बागी सांसद ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को पार्टी से नाराज सभी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। जहां वो अलग गुट होने के साथ-साथ कई और मांग भी स्पीकर के सामने रख सकते हैं।