
TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए सांसदों की राजनीतिक गतिविधियां अब खुलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व कर रहीं सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका समूह अब NDA के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि विलय की पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में आगे बढ़ रही है। इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और TMC नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।
काकोली घोष दस्तिदार ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि पहले हमें उस ब्लॉक के साथ स्थिर होना होगा जिसमें हम विलय की कोशिश कर रहे हैं। उस ब्लॉक ने हमें स्वीकार किया है और वे हमारे साथ विलय से सहमत हैं। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि विलय से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पर शीर्ष नेतृत्व नजर बनाए हुए है। घोष ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में जिन योजनाओं को लागू नहीं किया गया, उन्हें लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हो रही है।
काकोली घोष दस्तिदार ने अपने बयान में कहा कि बंगाल में कई ऐसी योजनाएं हैं जो अब तक लागू नहीं हो सकीं और इनके लिए वह NDA के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में जो योजनाएं लागू नहीं हुईं उन्हें लेकर उनकी पीएम से बात हुई है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य केवल पश्चिम बंगाल के लोगों के हित में काम करना है। उनके बयान से साफ संकेत मिला कि बागी सांसद अपने राजनीतिक कदम को जनता के हित से जोड़कर पेश करना चाहते हैं।
बता दें कि टीएमसी के बागी सांसदों ने हाल ही में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय किया है। सांसदों ने इस सिलसिले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी सौंप दिया है। हालांकि इसके बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस विलय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि TMC एक अखंड राजनीतिक दल है और उसके भीतर किसी अलग गुट को मान्यता नहीं दी जा सकती। अब फैसल लोकसभा अध्यक्ष के हाथों में है।