
breaking: TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और ममता बनर्जी के भजीते अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर हुई रेड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अभिषेक के निजी सचिव सुमित रॉय की तलाशी के लिए की गई इस रेड को टीएमसी नेताओं ने राजनीति से प्रेरित बताया और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। पार्टी सासंद किर्ती आजाद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। आजाद ने कहा कि इस पूरी कार्रवाई में भारी ड्रामा किया गया, लेकिन आखिर में कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने तंज कसते हुए इस कार्रवाई को खोदा पहाड़, निकली चुहिया बताया और BJP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। आजाद ने कहा कि अगर कानून सबके लिए बराबर है तो गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
किर्ती आजाद ने तंज कसते हुए इस कार्रवाई को खोदा पहाड़, निकली चुहिया बताया और BJP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। आजाद ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि यह साफ दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी कितनी विरोधाभासों और डबल स्टैंडर्ड्स से भरी हुई है। रात 3 बजे बंगाल पुलिस अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची। सुबह 5 बजे डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। घर के सारे ताले तोड़े गए। दूसरी मंजिल से लेकर छत तक कोई जगह नहीं छोड़ी गई। यह पूरा ऑपरेशन सुबह 5 बजे से 6:30 बजे तक, पूरे 90 मिनट चला और आखिर में क्या हुआ? खोदा पहाड़, निकली चुहिया।
TMC सांसद ने आगे कहा कि पहले भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ममता बनर्जी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। किर्ती आजाद ने कहा, अगर ममता दीदी के खिलाफ केस हो सकता है, तो अमित शाह के खिलाफ भी होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने भी कई लोगों को डराया और धमकाया है। उन्होंने पुलिस को भी धमकाया। उनके खिलाफ केस क्यों नहीं हुआ, सिर्फ इसलिए कि वह गृहमंत्री हैं। क्या देश का कानून सबके लिए बराबर नहीं है।
बता दें कि, शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात को पश्चिम मेदिनीपुर पुलिस की टीम करीब 2:30 बजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस उनके निजी सचिव सुमित रॉय की तलाश में वहां पहुंची थी, जिन पर कथित उगाही मामले में केस दर्ज है। सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस के बाद पुलिस ने घर में तलाशी ली। खबर मिलने पर ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं। बाद में पुलिस टीम वहां से लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद TMC ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।