तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष ने ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा समेत कई टीएमसी नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि I-PAC के प्रतिनिधियों ने उन्हें विधायक चुनाव लड़ने और मंत्री या सांसद बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने कभी किसी से टिकट नहीं मांगा।

TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद काकोली घोष के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा समेत टीएमसी नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। वहीं अब इस पर वैद्यनाथ घोष की प्रतिक्रिया सामने आई है। बागी सांसद के बेटे ने कहा कि मैंने कभी किसी से टिकट नहीं मांगा। आई-पैक (I-PAC) के एक अधिकारी हैं, जिनका नाम चंद्रभूषण राव है। आप उनका लिंक्डइन प्रोफाइल भी देख सकते हैं। सबसे पहले उन्होंने ही मुझे व्हाट्सऐप पर कॉल किया था।
वैद्यनाथ घोष ने आगे कहा कि उन्होंने मुझे विधायक का चुनाव लड़ने के लिए मनाने की कोशिश की और कहा कि मुझे मंत्री या सांसद बनाया जा सकता है। आई-पैक के प्रतिनिधि, जिनमें तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के नेता सोमपाल भी शामिल थे, हर महीने मुझे फोन करते थे। सितंबर और अक्टूबर में मेरी ऑब्जर्वरशिप (प्रशिक्षण) निर्धारित थी। उन पांच महीनों अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी के दौरान मैं बोस्टन में काम कर रहा था।
बता दें कि इससे पहले काकोली घोष के बेटे ने टीएमसी के उन आरोपों को खारिज किया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से MLA का टिकट मांगा था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी।
नोटिस में वैद्यनाथ ने TMC नेताओं से माफी मांगने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के पंद्रह दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दिया जाए और माफी मांगी जाए।
दरअसल, विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी TMC अपने सबसे बड़े संकट दौर से गुजर रही है। विधानसभा में टूट में अब संसद में भी पार्टी दो भागों में बंटने की कगार पर है। पार्टी के 19 विधायक बागी हो गए है। इन बागी सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष कर रही हैं। बागी सांसदों की एक लिस्ट भी सामने आई है, जिसमें युसुफ पठान, सायोनी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी शामिल है।
टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र देकर एनडीए को समर्थन देने की भी बात कही है। साथ ही कहा कि उन्हें सदन में अलग से बैठने की व्यवस्था की जाए। वहीं विधानसभा में टीएमसी के एक गुट का ऋतब्रत बनर्जी नेतृत्व कर रहे हैं। बनर्जी के गुट में करीब 58 विधायक है।